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#Group Housing trending : शहर में बढ़ा मल्टी स्टोरी रेसीडेंसी का क्रेज, सुरक्षा भी ज्यादा

#Group Housing trending : शहर में बढ़ा मल्टी स्टोरी रेसीडेंसी का क्रेज, सुरक्षा भी ज्यादा  

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multi storey residential

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जबलपुर. शहर में मल्टी स्टोरी रेसीडेंसी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पहले शहर के राइट टाउन, नेपियर टाउन, मदनमहल, सिविल लाइन इलाकों में महानगरों की तर्ज पर ग्रुप हाउसिंग की संस्कृति थी। अब शहर के हर इलाके में मल्टी स्टोरी भवनों की संख्या बढ़ रही है। कर्मचारी वर्ग, दूसरे शहरों से आए लोग और स्टूडेंट मल्टी रेसीडेंसी में रहना ज्यादा सहज महसूस करते हैं।

महंगी जमीन से तौबा, एक ही परिसर में मिल रहीं सारी सुविधाएं

कम कीमत
लोगों का मानना है कि मल्टी स्टोरी भवनों का कैम्पस सुरक्षित होता है। एक ही स्थान पर बच्चों के खेलने के लिए खुला क्षेत्र, पूजन स्थल, आयोजन स्थल, उद्यान रहता है। सुरक्षा गार्ड की तैनाती रहती है। जानकारों के अनुसार मल्टी स्टोरी भवनों में कम कीमत पर सभी सुविधाओं के साथ बेहतर आवासीय सुविधा मिलती हैं। शहर में जमीन महंगी है, भवन निर्माण लागत लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में मल्टी रेसीडेंसी में कम कीमत में फ्लैट मिल जाता है। किराए पर फ्लैट ड्यूप्लेक्स के मुकाबले सस्ता मिलता है।

इन इलाकों में तेजी से विकास
गढ़ा के शाहीनाका, नव निवेश कॉलोनी, धनवंतरि नगर इलाकों में कई मल्टी स्टोरी भवनों में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। इन क्षेत्रों में कई मल्टी स्टोरी भवन निर्माणाधीन हैं। इसी तरह से विजय नगर, ग्वारीघाट, दमोहनाका, अधारताल, रांझी, कांचघर इलाकों में बड़ी संख्या में मल्टी स्टोरी भवनों का निर्माण हुआ है। एक मल्टी परिसर में कम से कम 25 आवासीय इकाई रहती हैं। शहर में नौकरी के लिए बाहर से आने वाले लोग फ्लैट में रहना पसंद कर रहे हैं।

क्षेत्रवार स्थिति
150 के लगभग मल्टी राइट टाउन, नेपियर टाउन, मदनमहल। 50 तिलहरी-बिलहरी। 10 गढ़ा में। 20 ग्वारीघाट क्षेत्र में। 60 विजय नगर क्षेत्र में। 50 दमोहनाका, अधारताल, रांझी, कांचघर क्षेत्र में।

मल्टी स्टोरी रेसीडेंसी समय की मांग है। एक ही परिसर में कम खर्च में सुव्यविस्थत अवास मिल रहा है। परिसर सुरक्षित होने के कारण लोग सुरक्षित महसूस करते हैं।
- डीएस मिश्रा, स्ट्रक्चर इंजीनियर व टाउन प्लानर