
Namami Devi Narmade
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में राज्य सरकार से पूछा कि नमामि देवी नर्मदे योजना के तहत पौधरोपण में करोड़ों रुपए के घोटाले की जांच रिपोर्ट आने के बाद भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ एवं जस्टिस डीके पालीवाल की खंडपीठ ने उद्यानिकी विभाग के मंत्री भरत सिंह कुशवाहा, प्रमुख सचिव, फूड प्रोसेसिंग विभाग, कलेक्टर सीहोर एवं उद्यानिकी विभाग के आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व अन्य को नोटिस जारी कर पूछा
दोषियों के खिलाफ क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
जबलपुर निवासी सुनील सिंह की ओर से याचिका दायर कर कोर्ट को बताया गया कि सरकार ने 650 करोड़ रुपए से नर्मदा किनारे फलदार पौधे लगाने की योजना बनाई थी। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि विभाग के ही एक कर्मचारी की शिकायत पर योजना में बड़ा घोटाला उजागर हुआ।
रिकॉर्ड में जबलपुर और उसके आसपास के लिए एक करोड़ रुपए के फलदार पौधे खरीदे गए, लेकिन उसमें से एक लाख 69 हजार पौधे गायब थे। तर्क दिया गया कि नर्सरियों से उनकी क्षमता से कहीं ज्यादा पौधे खरीदे गए और उनके बिल भुगतान बताए गए। योजना के तहत सीहोर जिले में कागजों में सवा करोड़ रुपए के ड्रिप खरीदे गए, लेकिन किसानों को उनका वितरण नहीं किया गया। मामले की जांच की गई तो खुलासा हुआ कि जितनी खरीदी की गई उससे कई गुना ज्यादा भुगतान किया गया। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कई दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को पद से हटाने की सिफारिश की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रारम्भिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने अनावेदकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
Published on:
04 Mar 2022 11:25 am
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