16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मां नर्मदा की महिमा सुनी और बनाए पार्थिव शिवलिंग

गढा़ गंगानगर स्थित मातेश्वरी शक्तिपीठ में आयोजन

2 min read
Google source verification
narmada puran

narmada puran

जबलपुर. गढा़ गंगानगर स्थित मातेश्वरी शक्तिपीठ में चल रहे यज्ञ में पांचवें दिन रविवार को महंत ताराचंद के सान्निध्य में पार्थिव शिवलिंग निर्माण हुआ। व्यासपीठ से कथा वाचक सोनम देवी ने मां नर्मदा की महिमा सुनाई। यज्ञ में डॉ. संजय गौतम, रामचरण कोष्टा ने व्यास पूजन किया। पं.आदर्श मुनि त्रिवेदी, अजय शुक्ला, सत्यम जैन, आशीष त्रिवेदी, नवीन शंकर शुक्ला व मुकेश शर्मा उपस्थित थे।

बिना विश्वास के नहीं होती है भक्ति
जबलपुर. बिना विश्वास के कभी भी भक्ति संभव नहीं हो सकती है। जब तक हम अपने हृदय में राम नाम की शक्ति का आभास और विश्वास समाहित नहीं कर लेते हैं, तब तक भक्ति का बीज अंकुरित नहीं हो सकता। शास्त्रीनगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में रविवार को स्वामी राजेश्वरानंद ने ये उद्गार व्यक्त किए। कथा व्यास ने कहा कि राजा राम ही सम्पूर्ण जगत के सगुन साकार परम ब्रह्म हैं। बिना विश्वास के हमारे हृदय में रूपी भूमि में भक्ति का सूर्योदय संभव नहीं हो सकता है। कथा में स्वामी चैतन्यानंद, प्रमोद तिवारी, उमा तिवारी, विधायक तरूण भनोत व संजय शर्मा, भाजपा नेता विनोद गोंटिया, भूपेंद्र दुबे, राजेश सोनकर मौजूद थे।

मां नर्मदा का आंचल स्वच्छ रखें
जबलपुर. नर्मदा तट पर साक्षात देवाताओं का निवास रहता है। मां नर्मदा पतित पावनी है। वर्तमान समय में मां नर्मदा ही देश की एक ऐसी नदी है जो पूर्णत: निर्मल है। मां आंचल निर्मल बनाने के लिए सभी को संगठित होकर प्रयास करने चाहिए। उक्ताशय के उद्गार प्रेमानंद आश्रम जिलहरी घाट में आयोजित मां नर्मदा पुराण के पांचवे दिन कथा व्यास श्रीराघव दास ने व्यक्त किए। महंत नागा श्यामदास नागा महाराज ने बताया कि बसंत पंचमी में रामानंन्दाचार्य पद प्रतिष्ठित स्वामी रानरेशाचार्य महाराज का प्रकटोत्सव मनाया जाएगा। महापुराण की महाआरती स्वामी राघव द्वाराचार्य, प्रेमनायण, रमाकांत शास्त्री, डां. आदर्श शर्र्मा, रश्मी श्रीवास,सुरेन्द्र शुक्ला मदन तिवारी संदीप दुबे अरुणा बेदी आरती दुबे मुकेश सेन राजेश कुर्मी विवेक अवस्थी अनुपमा दुबे ने की। कार्यक्रम संयोजक रमेश श्रीवास के अनुसार महापुराण का समापन नर्मदा जयंती को होगा।

आज आएंगे स्वामी सत्यमित्रानंद
जबलपुर. संस्कारधानी में सोमवार को निवृत्त शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि का आगमन होगा। वे नगर में आठ दिन रहेंगे और उनके सान्निध्य में पचमठा मंदिर गढ़ा में श्रीमद् भागवत कथा होगी। कथा के यजमान आचार्य डॉ. कृष्णकांत चतुर्वेदी, समन्वय परिवार के प्रबंध ट्रस्टी डॉ. कैलाश गुप्ता, प्रकाश अग्रवाल, जगत बहादुर अन्नू एवं एड.़ अर्पित तिवारी ने रविवार को कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वामी गिरीशानंद सरस्वती कथा रस वर्षा करेंगे। मंगलवार को कछपुरा ब्रिज स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी। प्रत्येक दिन दोपहर पांच बजे कथा शुरू होगी। २६ जनवरी को छोटी लाइन समन्वय सेवा केंद्र में भजन संध्या सान्निध्य प्रदान करेंगे और २८ जनवरी को इस्कॉन मंदिर लम्हेटारोड में अतिथि गृह का भूमि पूजन करेंगे।

ये भी पढ़ें

image