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जबलपुर के लिए बड़ी खबर, अब शहर के कोने कोने में पहुंचे नर्मदा का पानी

जबलपुर के लिए बड़ी खबर, अब शहर के कोने कोने में पहुंचे नर्मदा का पानी

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narmada water supply

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जबलपुर। नर्मदा जल बड़ी आबादी तक पहुंचाने लम्हेटाघाट में हाईटेक इंटक वेल व संप वेल स्थापित हो गए हैं। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम भी पूरा हो गया है। भेड़ाघाट, लम्हेटाघाट व पाटन में सितंबर तक नल कनेक्शन का काम पूरा कर जलापूर्ति शुरू करने की तैयारी है। राइजिंग लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। ओवरहेड टैंक का काम अंतिम दौर में है। फिलहाल घरों में नल कनेक्शन देने का काम जारी है। लम्हेटाघाट में तैयार हुए 31 एमएलडी के प्लांट से जबलपुर की पांच तहसीलों समेत दमोह के तेंदुखेड़ा तक हर घर नर्मदा पहुंचाने में अभी कुछ महीने का समय और लगेगा।

31 एमएलडी प्लांट से सितम्बर में शुरू हो जाएगी जलापूर्ति
नया ट्रीटमेंट प्लांट तैयार, वंचित क्षेत्र में नर्मदाजल पहुंचेगा घर-घर

नर्मदा जल पहुंचेगा इन इलाकों में: नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से भेड़ाघाट, कटंगी, पाटन, मझौली, पनागर, सिहोरा व दमोह के तेंदुखेड़ा तक को पानी मिलेगा। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण मप्र अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड अर्बन सर्विसेज इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट के तहत कर रही है। ठेकेदार दी इंडियन ह्यूम पाइप कं पनी को 2017 में काम सौंपा गया था। प्रोजेक्ट को वर्ष 2020 में पूरा होना था। लेकिन पिछले साल कोरोना संकट के कारण कई महीने तक प्रोजेक्ट का काम प्रभावित हुआ था।

हाईटेक है प्लांट: लम्हेटाघाट में बना प्लांट अत्याधुनिक प्लांट है। इस प्लांट में ट्रीटमेंट के बाद एक बूंद पानी को भी अनुपयोगी नहीं छोड़ा जाएगा। यानी बचे हुए पानी फिर से ट्रीटमेंट किया जाएगा। रॉ वाटर से निकली शिल्ट ही बाहर आएगी जो खाद के रूप में उपयोग हो सकेगी। जबकि इसके पहले नगर में जो भी प्लांट स्थापित हुए हैं उनमें ट्रीटमेंट के बाद निकला गंदा पानी उद्यान में सिंचाई के लिए उपयोग किया जाता है या फिर ड्रेनेज में बहा दिया जाता है।