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National Safe Motherhood Day : सुरक्षित मातृत्व का आधार- अच्छा आहार, व्यवहार और विचार

राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस आज, प्रेग्नेंसी में खास देखभाल के लिए अब किए जा रहे शहर में ज्यादा प्रयास

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National Safe Motherhood Day Today

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जबलपुर. मां सुरक्षित होगी तो गर्भ में पल रहा शिशु भी सुरक्षित होता है। इसके लिए जहां प्रेग्नेंसी के दौरान महिला का खानपान और व्यवहार संतुलित होना जरूरी हो जाता है, वहीं उसके विचार से शिशु के व्यवहार का निर्माण भी तय होता है। यही वजह है कि सुरक्षित मातृत्व दिवस के लिए इन सभी बातों का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है। सुरक्षित मातृत्व के बाद से ही शहर में पिछले 5 सालों में ही नवजात शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर में कमी आई है।

पहले जन्मजात होती थी बीमारियां
कुछ समय पहले तक प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की प्रॉब्लम से जूझना पड़ता था, क्योंकि उन्हें सही आहार और प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली समस्याओं की जानकारी नहीं हुआ करती है। ऐसे में कभी जन्म से बच्चा दिव्यांग, तो कभी जन्मजात अन्य बीमारियां होती थीं। अब महिलाओं के लिए कई ऐसी योजनाओं के साथ गर्भावस्था के दौरान से शिशु जन्म तक की हर जानकारी प्रदान की जा रही है।

शहर में मौजूदा सुविधाएं
- महिलाओं को गवर्नमेंट हॉस्पिटल में तिमाही चेकअप पर जोर
- ब्लड प्रेशर बढऩे और घटने पर ध्यान
- डाइबिटीज की जानकारी लगाना
- एनिमिया की प्रॉब्लम को कार्ड में रेड स्लिप के जरिए दिखाना
- गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास की नियमित जानकारी
- सुरक्षित मातृत्व के लिए जागरूकता कार्यक्रम

इसलिए मनाया जाता है दिवस
गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की उचित देखभाल के उद्देश्य से हर साल 11 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस घोषित करने वाला भारत दुनिया का पहला देश है। इस दिन देश भर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, ताकि गर्भवती महिलाओं के पोषण पर सही ध्यान दिया जा सके।

स्पेशल सेशन का अवेयरनेस प्रोग्राम
एल्गिन अस्पताल की अधीक्षक और जॉग्स अध्यक्ष डॉ. निशा साहू ने बताया कि शहर में जॉग्स (जबलपुर ऑब्सटेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी सोसायटी) के साथ मिलकर शहर में अद्भुत मातृत्व का अभियान चलाया जा रहा है। इसके चलते अस्पताल में हर माह की 9 तारीख को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करवाया जाएगा। इस स्पेशल सेशन में गर्भवती महिलाओं को अच्छा आहार, व्यवहार और विचारों को नौ महीनों के दौरान शामिल करने की जानकारी वक्ताओं द्वारा प्रदान की जाएगी।

सुरक्षित मातृत्व का आधार

1. आहार
- मनमुताबिक खाना।
- हर दो घंटे में हल्का खाना
- फलों की मात्रा को शामिल करना
- भरपूर मात्रा में पानी पीना

2. व्यवहार
- दिनचर्या में खुशनुमा रहना
- बात-बात में गुस्सैल रवैए से दूरी बनाना
- तनावमुक्त होकर काम करना
- किसी से झगड़ा नहीं करना
- निद्रा एवं आराम
- रात में 8 घंटे की नींद लेना
- दिन में कम से कम 2 घंटे की नींद
- नींद नहीं आने पर आराम करना
- भागदौड़ से काम से दूर रहना

3. योग
- हर तिमाही में योग के आसन बदलना
- सुबह और शाम को टहलना
- मेडिटेशन और ध्यान लगाना
- हल्का संगीत और मंत्रों को सुनना

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