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जबलपुर। शहर की बड़ी आबादी जहां अस्पताल के शुरू होने का इंतजार कर रही है वहीं हॉस्पिटिल बिल्ंिडग का फिनिशिंग का काम करीब दो वर्ष से अधूरा है। मनमोहन नगर में बनाया जा रहा यह सरकारी अस्पताल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और कांट्रेक्टर के बीच खींचतान में फंसकर रह गया है।
डिजाइन, भुगतान और निर्माण को लेकर तालमेल नहीं बैठने से कांट्रेक्टर ने समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद अस्पताल की बिल्ंिडग तैयार नहीं की है। इससे करीब पचास से ज्यादा छोटी-बड़ी कॉलोनियों के लोग घर के नजदीक उपचार की सुविधा से वंचित हैं। स्वास्थ्य संबंधी मामूली समस्या होने पर भी उन्हें विक्टोरिया, मेडिकल और निजी अस्पतालों तक दौड़ लगाना पड़ती है।
मनमोहन नगर अस्पताल की फिनिशिंग का काम दो साल से अधूरा
3 लाख से ज्यादा की आबादी को अस्पताल शुरू होने का है इंतजार
प्रवेश की राह में रोड़ा
अस्पताल की बिल्ंिडग का निर्माण कार्य तकरीबन पूरा हो गया है। फिनिशिंग के छुटपुट कार्य करने में लेटलतीफी हो रही है। अस्पताल की रहा में बड़ा रोड़ा मार्ग पर अवैध कब्जा है। अवैध कब्जे को हटाने के बाद अस्पताल में प्रवेश का मार्ग खुल सकेगा।
आगे की योजना प्रभावित
अस्पताल भवन के निर्माण में विलंब से आगे का काम प्रभावित हो रहा है। अस्पताल में ओपीडी, आइपीडी, पैथालॉजी, एक्सरे, सोनोग्राफी की सुविधा रहेगी। जानकारों के अनुसार भवन हैंडओवर नहीं होने से उसमें चिकित्सा उपकरणों की स्थापना की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। नए अस्पताल के स्टाफ सेटअप की प्रक्रिया भी खटाई में पड़ गई है।
बिल्डिंग हैंडओवर के बाद होगी प्रक्रिया
अस्पताल का भवन तैयार नहीं हुआ है। बिल्ंिडग हैंडओवर होने पर ही उपकरणों सहित अन्य सुविधा जुटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
- डॉ. मनीष कुमार मिश्रा, सीएमएचओ
Published on:
03 Jan 2020 10:30 am
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