25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

#New_Tourist_Places : खूबसूरत पर पहचान को मोहताज ये नदियों के संगम, एक नजर में हो जाता है प्यार

#New_Tourist_Places : खूबसूरत पर पहचान को मोहताज ये नदियों के संगम, एक नजर में हो जाता है प्यार  

2 min read
Google source verification
suicide at narmada

suicide

जबलपुर . जिले में नर्मदा नदी का 60 किलोमीटर लंबा तट है। कई स्थान पर नर्मदा में सहायक नदियां और झरने मिलते हैं। ये संगम स्थल अब तक गुमनाम हैं। पर्यटन के जानकारों का मानना है कि इन संगम स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो वे धार्मिक पर्यटन के बड़े केन्द्र बनेंगे। पर्वों के अवसर पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ेगी। इससे उन स्थानों के संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

जिले में नर्मदा तट पर कई मनोरम स्थल
सड़क नहीं होने से पर्यटकों को जाने में होती है परेशानी

जमतरा के समीप गौर का होता है मिलन

नर्मदा में जमतरा के समीप गौर नदी आकर मिलती है। जानकारों के अनुसार गौर नदी को पूर्व में माता गौरी के नाम से भी पुकारा जाता था। हरियाली से घिरा ये मनोरम स्थल लोगों को आकर्षित करता है, लेकिन यहां तक का पहुंच मार्ग दुर्गम है। इसके कारण कम संख्या में ही लोग यहां पहुंच पाते हैं। जानकारों का मानना है की स्थल तक अगर व्यविस्थत पहुंच मार्ग का निर्माण हो जाए, तो यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की पहुंच सुगम हो जाएगी। इससे यहां पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे और लोगों को रोजगार भी मिलेगा। यहां काफी घने पेड़ लगे हैं।

सांकलघाट: नर्मदा में हिरन नदी का संगम

नर्मदा और हिरन नदी का संगम स्थल सांकलघाट पूर्व में ऋषि-मुनियों की तपोस्थली रहा है। दोनों नदियों का ये संगम स्थल बड़ा ही खूबसूरत नजर आता है। लेकिन वर्तमान में यहां हिरन नदी से होकर बड़ी तादात में सीवेज का गंदा पानी मिल रहा है। लोगों का मानना है कि यहां आकर मिलने वाले गंदे पानी का उपचार हो और इस संगम स्थल को विकसित किया जाए तो यहां तीर्थ स्थल व पर्यटन का केन्द्र विकसित हो सकता है।

गुप्त गंगा मिलती है सिद्धेश्वर प्रपात में

भेड़ाघाट के सरस्वतीघाट से 1 किलोमीटर की दूरी पर सिद्धेश्वर जल प्रपात है। मान्यता है की गंगा दशहरा पर मैया नर्मदा से मिलने यहां गंगा प्रकट हुई थीं। तभी से यहां से मनोरम जल प्रपात प्रवाहित होने लगा। हरियाली से घिरे इस स्थल से आगे जाकर जल राशि नर्मदा में मिलती है। यह स्थान बहुत मनोरम है। सड़क नहीं होने से पर्यटक जा नहीं पाते हैं।

पुण्यसलिला नर्मदा के साथ अन्य नदियों के संगम स्थलों को धार्मिक पर्यटन स्थली के रूप में विकसित करने को लेकर संभावनाएं तलाशेंगे। मौके पर इंजीनियरों की टीम भेजकर सर्वे कराया जाएगा।
- विनोद गोंटिया, अध्यक्ष, पर्यटन विकास निगम