
भर्ती बोर्ड का आदेश रद्द, एक माह में सिपाही को नियुक्ति देने का निर्देश
जबलपुर. जिला अदालत ने समीपस्थ पनागर नगर पालिका में पदस्थ क्लर्क नीतू सेन को धोखाधड़ी के मामले मंें अग्रिम जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश माया विश्वलाल की अदालत ने आरोपी की अर्जी खारिज कर दी। सेन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। अतिरिक्त लोक अभियोजक राजकुमार गुप्ता के अनुसार हितग्राही आवेदक अच्छेलाल नामदेव ने एक आवेदन दिया था। जिसके आधार पर उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख रुपए प्रदान किए गए। बाद में दस्तावेजों की जांच पर पता चला कि फर्जी दस्तावेज के जरिए शासकीय योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन के साथ संलग्न पट्टे की प्रति गायब कर दी गई। जांच में आवेदक की भूमिका पाई गई। इस पर नगर पालिका ने पनागर पुलिस थाने में शिकायत की। पुलिस ने आरोपी नीतू सेन के खिलाफ भादवि की धारा 420, 467, 468, 471, 201 के तहत अपराध कायम किया। इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए नीतू की ओर से यह अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की गई। दलील दी गई कि आवेदक का इस मामले में सीधेतौर पर कोई सरोकार नहीं है। हितग्राहियों के आवेदन शिवम जैन को प्रेषित किए जाते थे। वे ही मौके पर जाकर जांच करते थे। जिसके बाद लाभ मिलता था। पति के निधन के बाद आवेदक को अनुकम्पा नियुक्ति मिली है। उसकी दो बेटियां उसके आश्रित हैं। जेल जाने पर परिवार बुरी तरह प्रभावित हो जाएगा। अतिरिक्त लोक अभियोजक गुप्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने गरीबों की आड़ में जनता की रकम का गबन किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अर्जी निरस्त कर दी।
Published on:
19 Mar 2020 06:36 pm

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