केंट बोर्ड चुनाव पर दायर याचिका में केंद्र सरकार ने दिया जवाब
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व न्यायाधीश विशाल मिश्रा की युगलपीठ के समक्ष केंट बोर्ड, जबलपुर के चुनाव न कराए जाने को चुनौती संबंधी याचिका की सुनवाई हुई। केंद्र शासन की ओर से जवाब पेश किया गया। जिसमें कहा गया कि केंट का सिविल एरिया नगरीय निकाय में स्थानांतरित करने का प्रकरण फिलहाल विचाराधीन है। युगलपीठ ने इस जवाब को रिकाॅर्ड पर लेकर मामले की अंतिम स्तर की सुनवाई की व्यवस्था दे दी। अगली सुनवाई अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में होगी।
याचिकाकर्ता अमरचंद बावरिया की ओर से कहा गया कि केंट बोर्ड की निर्वाचित कार्यकारिणी का कार्यकाल पूर्ण होने के बावजूद चुनाव नहीं कराए जा रहे हैैं। एक बार कार्यकारिणी का कार्यकाल बढ़ाया जा चुका हैै। याचिका में सचिव डिफेंस मंत्रालय, डीजी डिफेंस व प्रिंसिपल डायरेक्टर डिफेंस स्टेट को पक्षकार बनाया गया है।
कोर्ट का निर्देश सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ दें
जबलपुर। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व न्यायाधीश विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने अलग-अलग विभागों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ देने के निर्देश दिए। मंडला से सेवानिवृत्त रविशंकर सिंगरोरे, धनेश्वर नंदा व रविंद्र पटेल ने याचिकाएं दायर की थीं। उनकी ओर से बताया गया कि छठे वेतन पुनरनिरीक्षण के नियमानुसार एक जुलाई को सेवा में रहने पर वार्षिक वेतनवृद्धि देय होती है। लेकिन, याचिकाकर्ताओं ने 30 जून को ही सेवा पूरी कर ली थी। इस सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट ने 17 अगस्त, 2023 को फैसला देते हुए कहा 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को भी वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को लाभ देने के निर्देश दिए।