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ओशो की याद में यहां बनने जा रहा सबसे बड़ा स्मृति संसार, जानें पूरी खबर

ओशो की याद में यहां बनने जा रहा सबसे बड़ा स्मृति संसार, जानें पूरी खबर  

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ओशो

ओशो

जबलपुर। सेंट्रल इंडिया के सबसे बड़े कॉलेजों में शुमार शासकीय महाकोशल कॉलेज का 72 साल बाद पहली बार विस्तार किया जा रहा है। यह वही कॉलेज है, जिसमें आचार्य रजनीश ‘ओशो’ ने लम्बे समय तक अध्यापन कार्य किया। महाकोशल क्षेत्र का सबसे बड़ा लीड शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय होने और ओशो के कारण इसकी ख्याति दुनियाभर में फैली है। यहां हर छात्र पढ़ाई करना चाहता है, लेकिन सीमित जगह और निश्चित सीटें होने के कारण हजारों छात्रों का पढऩे का सपना सपना बनकर रह जाता है। कॉलेज शुरू होने के 72 साल बाद उच्च शिक्षा विभाग 20 करोड़ रुपए से विकास कार्य कराएगा। हिंदी, पॉलिटिकल साइंस, फिलॉसफी आदि विषयों के लिए अलग से डिपार्टमेंट बनाए जाएंगे।

महाकौशल क्षेत्र के सबसे बड़े लीड कॉलेज के दिन फिरेंगे
उच्च शिक्षा विभाग 20 करोड़ से करेगा विस्तार, दो नई इमारतें भी बनेंगी
जिस कॉलेज में ओशो ने 13 साल किया अध्यापन, वर्षों बाद वहां खुलेगा स्मृति का संसार

ओशो के नाम से बनेगा स्पेशल कक्ष
कॉलेज में ओशो से जुड़ा विशेष कक्ष बनाया जाएगा। इसमें ओशो से जुड़े लिटरेचर, मैग्जीन, किताबें होंगी। उनके शिक्षकीय जीवनकाल से जुड़ी तस्वीरों का भी संग्रह किया जाएगा। कक्ष में उनकी विशेष लम्बी चेयर भी होगी, जिस पर बैठकर वे घंटों पढ़ा करते थे। विदित हो कि ओशो रजनीश दर्शन शास्त्र के प्रोफेसर थे। उन्होंने 1957 से 1970 तक कॉलेज में अध्यापन कार्य किया। कॉलेज के विस्तार के लिए दो नई बिल्डिंग बनाई जाएंगी। एक बिल्डिंग कार पार्र्किंग स्थल की ओर बनाई जाएगी। इसे कॉलेज की मुख्य बिल्डिंग से जोड़ा जाएगा। दूसरी बिल्डिंग का निर्माण वाहन स्टैंड की तरफ होगा। दो मंजिला इन इमारतों में नीचे पार्किंग की व्यवस्था होगी। निर्माण कार्य हाउसिंग बोर्ड कराएगा। इसके लिए विभाग को 10 करोड़ रुपए भी दिए गए हैं।

पीजी सीटें बढ़ेंगी
कॉलेज में वर्तमान में चार हजार छात्र अध्ययन कर रहे हैं। इसमें 710 विद्यार्थी पीजी के और 3300 छात्र यूजी के हैं। कॉलेज में 11 से अधिक विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन की सुविधा है। कॉलेज भवन का विस्तार होने से सीटों में भी इजाफा होगा। यूजी की 700 सीटों को बढ़ाकर एक हजार किया जाएगा। कॉलेज में हर साल 1200 की वेटिंग रहती है।


ओशो ने लम्बे समय तक कॉलेज में अध्यापन कार्य किया है। यह निश्चित ही ओशो के लिए एक सम्मान होगा। छात्रों को भी उनसे जुड़ी जानकारी
पढऩे को मिलेगी।
प्रो. अरुण शुक्ल, महाकोशल कॉलेज

कॉलेज का पहली बार एक्सटेंशन हो रहा है। कॉलेज से आशो का गहरा नाता रहा है। कॉलेज प्रशासन ओशो की यादों को सहेजने के लिए अलग से स्पेशल व्यवस्था करेगा।
- डॉ. एम सैम्युअल, प्राचार्य महाकोशल कॉलेज