बच्चों की देखभाल के लिए दो महिला कर्मियों को तैनात किया गया है। इनके साथ ही तीन महिला भृत्य भी बच्चों की देखरेख करेंगी। पालनाघर में ऑन कॉल एम्बुलेंस सहित अन्य तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। शुभारंभ अवसर पर चीफ जस्टिस खानविलकर के साथ प्रशासनिक न्यायाधीश राजेंद्र मेनन, जस्टिस शांतनु केमकर, जस्टिस सीवी सिरपुरकर, जस्टिस संजय यादव, जस्टिस आलोक अराधे सहित हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीश मौजूद थे।