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महिलाओं का सम्मान हमारा फर्ज

पालनाघर के शुभारंभ अवसर पर बोले चीफ जस्टिस खानविलकर, बच्चों को बांटी टॉफियां

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Prem Shankar Tiwari

Jan 05, 2016


जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एएम खानविलकर ने सोमवार को यहां कहा कि महिलाओं का सम्मान करना हमारा फर्ज है। वे हाईकोर्ट के प्रशासनिक भवन में निर्मित पालनाघर का शुभारंभ कर रहे थे। चीफ जस्टिस खानविलकर ने पालनाघर के कक्षों का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों को टॉफियां व अन्य उपहार प्रदान कर अपना वात्सल्य प्रदर्शित किया।
हॉल में हैं व्यवस्थाएं
पालनाघर के लिए हाईकोर्ट के प्रशासनिक भवन के पुराने वर्क सेक्शन के हॉल को चुना गया है। इसी हॉल में एक किचिन बनाया गया है। इसमें बच्चों के लिए गैस चूल्हा, फ्रिज जैसी सभी सुविधाएं हैं। हॉल में बच्चों के आराम की सुविधा, खेलने के उपकरण व खिलौने रखे गए हैं।
दूसरी मंजिल पर बना
पालनाघर प्रशासनिक भवन की दूसरी मंजिल पर बनाया गया है। यहां जाने के लिए फिलहाल लिफ्ट की सुविधा नहीं है। लिहाजा इसका शुभारंभ करने के लिए सीजे खानविलकर के साथ अन्य जज सीढ़ी चढ़कर पालनाघर पहुंचे।
15 बच्चों के लिए सुविधा
यहां पर 15 बच्चों के लिहाज से सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। 1 से 4 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को यहां रखा जा सकेगा। फिलहाल यहां 5 बच्चे पंजीकृत किए गए हैं। महिला न्यायिक कर्मियों, अधिकारियों व वकीलों के बच्चों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा।
दो केयर टेकर तैनात
बच्चों की देखभाल के लिए दो महिला कर्मियों को तैनात किया गया है। इनके साथ ही तीन महिला भृत्य भी बच्चों की देखरेख करेंगी। पालनाघर में ऑन कॉल एम्बुलेंस सहित अन्य तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। शुभारंभ अवसर पर चीफ जस्टिस खानविलकर के साथ प्रशासनिक न्यायाधीश राजेंद्र मेनन, जस्टिस शांतनु केमकर, जस्टिस सीवी सिरपुरकर, जस्टिस संजय यादव, जस्टिस आलोक अराधे सहित हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीश मौजूद थे।