
Panipuri
Panipuri खट्टी-तीखी फुलकी का स्वाद सोचकर ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है, लेकिन यह शरीर के लिए कितनी घातक हो सकती है। इससे लोग बेखबर है। शाम होते ही इन ठेलों पर पहुंचकर लोग चटपटे व्यंजनों का लुफ्त उठा रहे हैं। एक्सपोज टीम ने इसका जायजा लिया तो यह सामने आया है कि शहर के अधिकांश ठिकानों में ‘सिट्रिक एसिड’ की फुलकी खिलाई जा रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस एसिड के लगातार सेवन से शरीर में कई विकार पैदा हो जाते हैं, जिससे पाचन शक्ति बिगड़ सकती है।
सिट्रिक एसिड या जिसे आम भाषा में ‘टाटरी’ के नाम से जाना जाता है। टाटरी का उपयोग घरों में बनने वाले पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता था। ये व्यंजन तीज-त्योहारों पर बनाए जाते थे, लेकिन अब इसका इस्तेमाल व्यवसायिक रूप से किया जा रहा है, जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। ‘स्ट्रीट कल्चर’ में इस एसिड का सबसे ज्यादा इस्तेमाल चाट-फुल्की के पानी में किया जा रहा है, जिससे लोगों का हाजमा बिगड़ सकता है।
चाट-फुल्की बेचने वालों के ठिकानों में यह सामने आया कि बीस-पच्चीस रुपए की लागत में एक घड़ा भरकर चटपटा पानी तैयार हो रहा है। एक घड़ा पानी में औसतन तीन सौ फुल्की बेच दी जाती है। यह पानी सिट्रिक एसिड, मिर्च, धनिया मिलाकर इसे तैयार कर लिया जाता है। एसिड होने की वजह से यह पानी जरूरत से ज्यादा खट्टा हो जाता है, जो व्यंजनों को जायकेदार बना देता है।
विक्टोरिया अस्पताल के एमडी डॉ. संदीप भगत के मुताबिक सिट्रिक एसीड के लगातार सेवन करने से मुंह में छाले और मसूड़ों की समस्या हो सकती है। इसका प्रभाव पाचन शक्ति पर पड़ता है। आने वाले समय में गैस की समस्या से पीड़ित हो सकता है।
मिलौनीगंज के एक प्रसिद्ध चाट-फुल्की का दुकानदार पानी तैयार कर रहा था। मौके पर उसने घड़े में पानी भरा। पानी भरने के बाद उसमें सफेद रंग का रवेदार पाउडर मिलाया। पाउडर के साथ उसमें मिर्च, नमक, हरी धनिया मिलाई और पानी तैयार कर दिया। एक्सपोज टीम ने इस व्यवसाय करने की बात पर उसे उलझाया तो उसने बताया कि यह सिट्रिक एसीड है, जो किसी भी जगह मिल जाता है। इससे पानी खट्टा हो जाता है। तैयार पानी का स्वाद लिया गया तो वह काफी खट्टा और तेज लग रहा था।
पाक कला से जुड़ी दिव्या गुलाटी का कहना है कि परंपरागत तरीके से यह पानी प्राकृतिक मसालों से तैयार किया जाता है, जो पाचक होता है। इसमें ज्यादातर आम, इमली, मुनक्का, काला नमक, जीरा, गुड़ मिलाया जाता है। इससे यह पानी जायकेदार होने के साथ लोगों की पाचन शक्ति को मजबूत करता है।
फुल्की के पानी के संबंध में कोई शिकायत नहीं आई है। इसे दिखवाया जाएगा और सेंपल लिए जाएंगे।
Updated on:
13 Sept 2024 05:44 pm
Published on:
13 Sept 2024 05:12 pm

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