30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

#PatrikaHaritPradesh : 38 लाख पौधों से होगा धरती का शृंगार, हरियाली से गुलजार होगी संस्कारधानी- देखें वीडियो

#PatrikaHaritPradesh : 38 लाख पौधों से होगा धरती का शृंगार, हरियाली से गुलजार होगी संस्कारधानी- देखें वीडियो

2 min read
Google source verification
Patrika Harit Pradesh campaign

Patrika Harit Pradesh campaign

जबलपुर। प्रदेश की वन संपदा पूरे देश में ऐसे ही प्रसिद्ध नहीं है, इसके पीछे महीनों की मेहनत और बीजों से निकलती उम्मीदों की कोपलों को पौधे बनाने तक में सैंकड़ों लोगों की मेहनत लगती है। तब कहीं जाकर एक स्वस्थ पौधा पेड़ बनने के लिए तैयार होता है। मानसून के आते ही जहां शहरी क्षेत्रों में जन सामान्य पौधे लगाने की तैयारी कर रहा है, वहीं वन विभाग और इससे जुड़े अन्य विभागों में पौधरोपण की तैयारियां अंतिम चरणों में हैं। इस जबलपुर मंडल की बात करें तो इसके अंतर्गत आने वाले वन क्षेत्रों में इस बारिश करीब 38 लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

वन एवं अनुसंधान की नर्सरियों से 13 लाख से ज्यादा पौधे पहुंचे अलग-अलग वन क्षेत्रों में

जबलपुर में लगेंगे चार लाख से ज्यादा पौधे
एसडीओ बीपी बथमा अनुसंधान एवं विस्तार ने बताया इस बारिश में जबलपुर वृत्त के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्रों में वानिकी प्रजातियों के 38 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें जबलपुर में साढ़े 4.50 लाख, कटनी में 8.75 लाख, मंडला में 11 लाख, डिंडोरी में 2.50 लाख पौधे के अलावा अन्य वनों में रोपित किए जाने हैं।

पनागर के जंगल में सबसे ज्यादा पौधरोपण
जबलपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में सबसे ज्यादा पनागर में पौधरोपण किया जाना है। इस बारिश बरगी रेंज में बरगी रेंज मे 87.500, कुंडम 125000, पनागर में 136250, शहपुरा में 31251, सिहोरा में 60000, जबलपुर 27500, कुल चार लाख 67, 501 पौधे लगाए जाएंगे।

रोपण के लिए तैयार पौधे
एसएफआरआई की अनुसंधान एवं विस्तार की नर्सरियों में बड़ी संख्या में पौधे रोपण के लिए तैयार हैं। इनमें शहरी नर्सरी एसएफआरआई 4 लाख 75000, परियट में 9 लाख, दरौली सिहोरा में 6 लाख, सरसवाही में 10 लाख 50 हजार, कटरा में 11 लाख, अमेरा में 4 लाख पौधे तैयार हैं।

ये प्रजातियां लगाई जाएंगी
वन परिक्षेत्रों में वानिकी की करीब दो दर्जन प्रजातियों के पौधे लगाए जाने हैं। जिनमें प्रमुख रूप से सागौन, बांस, महुआ, आंवला, खमेर, तिंसा, हर्रा, बहेरा, चिरौल, शीशम, करंज, कुल्लू, सलई, तेंदू, बांस समेत अन्य प्रजातियों के पौधे तैयार हैं।

13 लाख का परिवहन हुआ
वन परिक्षेत्रों में इस बारिश 38 लाख से ज्यादा पौधे लगाए जाने हैं। जो कि अलग अलग नर्सरी से पौधरोपण स्थलों पर भेजे जाने लगे हैं। रोपण क्षेत्रों के लिए अब तक 13 लाख से ज्यादा पौधों का परिवहन हो चुका है। आने वाले दिनों में रोपण को देखते हुए ये संख्या बढ़ती जाएगी।

- बीपी बथमा,एसडीओ, अनुसंधान एवं विस्तार

Story Loader