पत्रिका की ख़बरें, जनता की जीत, मुख्यमंत्री ने दी दखल अब सीलिंग की फांस से मिलेगी मुक्ति- पढ़ें पूरी खबर
जबलपुर. शहर की जेडीए की कॉलोनियों के लोगों को शहरी सीलिंग की फांस से जल्द मुक्ति मिलेगी। पत्रिका की मुहिम और सीलिंग प्रभावित परिवारों का संघर्ष रंग लाने लगा है। मंगलवार को जनप्रतिनिधियों और जेडीए आवासीय कल्याण महासंघ के पदाधिकारियों की कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन के साथ हुई बैठक में इस समस्या के समाधान का फार्मूला निकालने पर मंथन हुआ। कलेक्टर ने बताया कि प्रभावितों के लिए तहसील स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। विशेष (जेडीए)जमीनों पर सीलिंग प्रभावित शब्द को स्वप्रेरणा से विलोपित करेंगे। उधर, मंगलवार को भी प्रभावित कॉलोनियों के लोगों ने प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की।
#CeilingAct पत्रिका में खबरें प्रकाशित होने पर जागा प्रशासन, तहसील स्तर पर होगा समस्या का समाधान
सीलिंग की फांस से मिलेगी मुक्ति, प्रशासन अब शिविर लगाकर खसरों से हटाएगा एंट्री
ऐसे उठा मामला
यह संकट 2019 में जेडीएस की कॉलोनियों की जमीनों के खसरे में सीलिंग एंट्री किए जाने से खड़ा हुआ था। दशकों से रह रहे यहां के रहवासी इसे लेकर परेशान थे। नामांतरण से लेकर रजिस्ट्री और फाइनेंस तक के काम रुक गए थे। रहवासियों के इस दर्द को पत्रिका द्वारा बीते 19 दिन से उठाया जा रहा है। अपने हक के लिए लोग सडक़ पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
विरोध में प्रदर्शन, जल्दी मिले छुटकारा
सीलिंग प्रभावित जेडीए की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों ने मंगलवार को लेबर चौक के पास प्रदर्शन किया। यहां 250 से ज्यादा परिवार रहते हैं। उनका कहना था कि उनके भूखंडों को जबसे सीलिंग में दर्ज किया गया है, उनका चैन खो गया है। परिवार का हर सदस्य चिंतित है। उन्होंने जीवनभर की कमाई जमीन खरीदने और उस पर मकान बनाने में लगा दी। इस दौरान आरएन मिश्रा, एमपी पांडे, सूर्य प्रकाश राय, बीडी राय, आरके प्यासी, संजय साहू, यूबी अमबस, कीर्ति दुबे, आरएस पांडे, जेपी तिवारी, बजरंग शर्मा, संजय रजक, कमल ताम्रकार, मोहन श्रीवास मौजूद थे।
सीएम के दखल पर बनी बात
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सोमवार को जबलपुर दौरे के दौरान विधायक अशोक रोहाणी और धीरज पटेरिया के प्रयास से जेडीए आवासीय कल्याण महासंघ के पदाधिकारियों की मुलाकात हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएम ने कलेक्टर सुमन को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में विधायक रोहाणी, भाजपा नगर अध्यक्ष प्रभात साहू, धीरज पटेरिया और जेडीए आवासीय कल्याण महासंघ के अध्यक्ष विनोद दुबे व दिलीप नेमा ने कलेक्टर को पूरी समस्या से अवगत कराया। विधायक रोहाणी का कहना था कि जेडीए की कॉलोनियों में सीलिंग प्रभावित दर्ज करना कानूनन उचित नहीं है। इससे 22 कॉलोनियों के 25 हजार से ज्यादा परिवार प्रभावित हैं। इस कारण उनकी जमीन फ्री होल्ड नहीं हो पा रही है। नामांतरण और बंटवारा रुका है।