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इस शहर के लोगों ने दिखाई जागरुकता : एक दिन में सबसे ज्यादा वैक्सीन लगाने का रेकॉर्ड

जबलपुर में कोरोना सेा बचाव का टीका लगवाने का दिख रहा उत्साह

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जबलपुर। कोरोना से बचाव का टीका लगाने के लिए 45 वर्ष पार वालों को छूट मिलते ही शहर के कोविड वैक्सीनेशन सेंटरों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सरकार अस्पतालों से लेकर डिस्पेंसरियों में कोरोना टीका लगाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इससे प्रमुख अस्पतालों में सुबह के समय कतार लग गई। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, संजीवनी क्लीनिक और सिविल डिस्पेंसरी में टीका लगवाने के लिए लोगों को इंतजार भी करना पड़ा। टीका लगवाने के बाद लोगों के चेहरे पर राहत की खुशी छलकी। ज्यादा केन्द्र होने और घर के पास ही आसानी से टीका लगने पर भी लोग खुश नजर आए। शहर के प्रबुद्धजनों से लेकर आम व्यक्तियों के टीकाकरण में उत्साह दिखाने से शाम तक जिले में कोविड वैक्सीन की 18 हजार 832 डोज लगाई गई। यह अभी तक एक दिन में सबसे ज्यादा किया गया कोविड वैक्सीनेशन है।
सांसद, विधायक पहुंचे टीका लगवाने
45 वर्ष से ज्यादा उम्र के व्यक्तियों को गम्भीर रोग से पीडि़त होने संबंधी प्रमाण पत्र दिए बिना कोरोना वैक्सीन लगाने की पात्रता मिलने पर सांसद और विधायक ने भी टीका लगवाया। सांसद राकेश सिंह ने जिला अस्पताल में कोरोना टीका की पहली डोज लगवाई। कोविड वैक्सीन जागरुकता व सहायतार्थ पांच हजार रुपए रेडक्रॉस सोसायटी को प्रदान किए। केंट विधायक अशोक रोहाणी ने सपत्नीक महाकोशल कॉलेज स्थित सिविल डिस्पेंसरी में कोरोना टीका की पहली डोज लगवाई।
संतों ने लगवाई दूसरी डोज
कोरोना टीका लगवाने के लिए आगे आने वाले संत गुरुवार को वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के लिए पहुंचे। स्वामी श्यामदेवाचार्य, स्वामी वासुदेव शास्त्री, सांध्वी ज्ञानेश्वरी, साध्वी शिरोमणि सहित अन्य संत और साध्वियों ने जिला अस्पताल जाकर कोरोना की दूसरी डोज लगवाई। इस दौरान प्रभारी जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा, अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. सीबी अरोरा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. शत्रुघन दाहिया, डॉ. अमिता जैन, जिला मलेरिया अधिकारी अजय कुरील, उपस्थित थे। कई टीकाकरण केन्द्र में ऑनलाइन पंजीयन के लिए कर्मी प्रशिक्षित नहीं थे। इससे लोग परेशान हुए। लेकिन बाद में राहत देते हुए मेनुअली रेकॉर्ड लेकर लोगों को टीका लगाया गया। डाटा एंट्री ऑपरेटर्स की भूल से टीका लगाने का मोबाइल पर एप से ऑनलाइन पंजीयन कराने वाले कुछ लोगों को वैक्सीन लग जाने का संदेश पहुंचा। इससे परेशान लोगों ने शिकायत की तो विभाग ने केन्द्र में आकर दस्तावेजों की जांच के बाद वैक्सीन लगाने के निर्देश दिए गए है।