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#petrol : पेट्रोल-डीजल के किये भटके लोग, खमरिया में भगदड़, ई-रिक्शा चालकों से मारपीट- देखें वीडियो

पेट्रोल-डीजल के किये भटके लोग, खमरिया में भगदड़, ई-रिक्शा चालकों से मारपीट- देखें वीडियो  

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petrol diesel crisis

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जबलपुर. टैंकर्स एसोसिएशन की हड़ताल से डीजल-पेट्रोल की सप्लाई बाधित होने के कारण सार्वजनिक और निजी परिवहन की व्यवस्था चरमरा गई। रविवार को अधिकतर पेट्रोल पंपों में ईंधन खत्म होने के बाद सोमवार को जिन पंपों में पेट्रोल बचा था वहां लंबी कतार लगी रहीं। लोग दिन भर पेट्रोल-डीजल के कारण भटकते रहे। करीब 30 पंपों में जैसे-तैसे ईंधन पहुंचाया गया बाकी ड्राय घोषित कर दिए गए। पेट्रोल पंपों में छिटपुट झगड़ों और बहस की घटनाओं से इतर ई रिक्शा वाहन चालकों के साथ भी बदसलूकी की घटनाएं सामने आईं। लोगों को अपने घर, दफ्तर, स्कूल और कॉलेज जाने के लिए वाहन नहीं मिले।

- टैंकर चालकों की हड़ताल से जन-जीवन प्रभावित
- लोगों को घर पहुंचने के लिए करनी पड़ी मशक्कत
- ई-रिक्शा चालकों के साथ मारपीट

खमरिया में मची भगदड़

आयुध निर्माणी खमरिया के वेस्टलैंड में को-ऑपरेटिव सोसायटी की तरफ से संचालित पेट्रोल पंप में सोमवार दोपहर उस समय भगदड़ मच गई जब एक व्यक्ति ने सीएनजी का एयरपाइप उखाड़ दिया। तेज प्रेशर के साथ एयर निकली तो पंप में पेट्रोल डीजल भरवाने के लिए आए लोगों में दहशत फैल गई। ऐसे में भगदड़ मच गई। इस बीच कुछ लोगों ने व्यक्ति को पकडकऱ पिटाई कर दी। बाद में उसे पुलिस के हवाले किया गया। सोसायटी के संचालकों ने गैस सप्लाई कंपनी के तकनीकी स्टाफ को बुलाकर जांच कराई तो सीएनजी पाइप सुरक्षित पाया गया। सोसायटी के अध्यक्ष विजय भावे ने बताया कि दोपहर में इस घटना के बाद पंप को बंद कर दिया गया।

ऑटो-रिक्शा बंद

डीजल नहीं मिलने से ऑटो रिक्शा बंद हो गए। ड्राइवर्स ने उन्हें अपने घर और गैराज में खड़ा कर दिया। इसी प्रकार चलो बस का संचालन भी प्रभावित हुआ। ऑफिस, स्कूल और कार्यालय के लिए बसों पर निर्भर लोग परेशान होते रहे। कई जगहों पर कॉलेज की बसें भी नहीं चल पाईं। ऐसे में छात्र एवं छात्राएं अध्ययन के लिए नहीं पहुंच पाईं।

ई-रिक्शा चालकों के साथ मारपीट

शहर की सडक़ों पर कुछ जगहों पर ई-रिक्शा ने बहुत हद तक शहर के ट्रांसपोर्ट को संभालने का प्रयास किया लेकिन उनको ऑटो ड्राइवर्स के आक्रोश का सामना करना पड़ा। ऑटो रिक्शा वालों ने ई- रिक्शा भी रोकना शुरू कर दिया। कुछ जगहों पर उनके साथ मारपीट की गई। उन्हें जबरन हड़ताल में शामिल कराया गया। ऐसे में नाममात्र के ई-रिक्शा सडक़ पर चलते दिखे।

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का तांता

रेलवे स्टेशन पर बाहर से आए यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। उन्हें घर तक पहुंचने के लिए ऑटो या बस नहीं मिल पाई। उन्हें स्टेशन के बाहर ऑटो रिक्शा तो खड़े मिले लेकिन उनमें डीजल नहीं था, ड्राइवरों ने हाथ खड़े कर दिए।ऐसे में वे घरों में फोन लगाते रहे।

बसों की हड़ताल को लेकर सोमवार को आइएसबीटी में बैठक की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि लोगों की सुविधा को देखते हुए दो जनवरी से बसें चलेंगी। बैठक में कमल किशोर तिवारी, बच्चू रोहाणी, नसीम बेग, उदयचंद जैन, कल्याण नियोगी, ओम प्रकाश जायसवाल, दिलीप मंगलानी, नरेश रजक, मौजूद थे। माढ़ोताल टीआई विपिन ताम्रकार ने बताया कि मंगलवार से बसों का संचालन सामान्य हो जाएगा।

टैंकर्स एसोसिएशन की हड़ताल जारी

इस बीच टैंकर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता तीसरे दिन भी शहपुरा भिटौनी में हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने हिट एंड रन के नए कानून को अव्यवहारिक बताया, जिसमें घायल को अस्पताल नहीं पहुंचाने सहित अन्य स्थितियों में कड़े दंड और जुर्माने का प्रावधान है। एसोसिएशन के प्रदर्शन और हड़ताल के कारण जबलपुर-भोपाल मार्ग पर टैंकर्स की कतार लगी रही। इससे यातायात भी प्रभावित हुआ।

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