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335 दिन बाद 15 फरवरी से हाईकोर्ट में शुरु होगी भौतिक सुनवाई, वर्चुअल सुनवाई रहेगी जारी

- रजिस्ट्रार जनरल ने जारी की एसओपी- कोरोना संक्रमण के चलते बंद हुई थी भौतिक सुनवाई- वीडियो कॉन्फे्रंसिंग की व्यवस्था भी रहेगी कायम

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जबलपुर . मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर और इंदौर व ग्वालियर खंडपीठों में पूरे 335 दिनों बाद 15 फरवरी से भौतिक सुनवाई आरम्भ हो जाएगी। कोरोना के चलते 17 मार्च 2020 से हाइकोर्ट में भौतिक सुनवाई बंद है। इसके साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई का विकल्प भी खुला रहेगा। वीसी के जरिए सुनवाई अधिवक्ता व पक्षकार की सहमति के आधार पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक के आदेश पर रजिस्ट्रार जनरल राजेंद्र कुमार वानी ने सर्कुलर जारी किया। सर्कुलर के अनुसार हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर सहित राज्य के विभिन्न जिला अधिवक्ता संघों की मांग पर विशेष समिति से चर्चा के बाद भौतिक सुनवाई शुरू की जा रही है। इस दौरान कोविड 19 की गाइडलाइन का पालन अनिवार्य रहेगा।

बुजुर्ग वकीलों से कोर्ट न आने का आग्रह
सोमवार से भौतिक सुनवाई जिस व्यवस्था के अंतर्गत होगी, उसे स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) हायब्रिड सिस्टम ऑफ फिजिकल एंड वर्चुअल हियरिंग नाम दिया गया है। 65 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ताओं व पक्षकारों से आग्रह किया है कि वे भौतिक के स्थान पर वर्चुअल विकल्प का ही चयन करके अपने स्वास्थ्य की रक्षा करें।

17 मार्च से बंद हुई थी भौतिक सुनवाई
जबलपुर में कोविड लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही 17 मार्च, 2020 से हाईकोर्ट व जिला अदालतों में भौतिक सुनवाई बंद कर दी गई थी। इसके स्थान पर वीसी के जरिए महत्वपूर्ण प्रकृति के सीमित सुनवाई की व्यवस्था दी गई थी। पिछले दिनों हाईकोर्ट में सीमिति भौतिक सुनवाई का प्रयोग भी किया गया। जबकि जिला अदालत में भौतिक सुनवाई दिसम्बर माह में ही प्रारंभ कर दी गई थी।