
positive pay system
जबलपुर . ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए बैंकों ने पॉजिटिव पे सिस्टम पर काम शुरू कर दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने चेक से पांच लाख रुपए की राशि से अधिक के लेनदेन पर इसे लागू किया है लेकिन शहर में कुछ बैंकों ने 50 हजार रुपए के चेक पर भी ग्राहकों से पूछताछ शुरू कर दी है। ग्राहक से संतुष्ट होने के बाद वे उसे क्लियरिंग के लिए भेजते हैं।
यह है प्रक्रिया
इस सिस्टम की खासियत यह है कि बड़ी राशि वाले जो भी चेक क्लीयरिंग के लिए जाएं, उसमें ग्राहक की सहमति ली जाएगी। बैंक ग्राहकों से चेक के पीछे उनका मोबाइल नंबर दर्ज करवाते हैं। जब बैंक ऑफिसर उसे भुनाने की प्रक्रिया में आगे भेजता है तो वह संबंधित ग्राहक से फोन पर चेक के बारे में जानकारी लेता है। सहमति मिलने पर ही उसे आगे भेजा जाता है।
यह व्यवस्था नए साल से शुरू हो गई है। कुछ राष्ट्रीयकृत बैंकों ने इससे भी कम राशि के चेक पर सहमति लेना शुरू किया है। यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे ग्राहक या फर्म के नाम पर चेक जारी करता है, तो उसे बैंक से फोन आएगा। इसका एक मकसद यह है कि बैंकिंग सेवाओं में उनके साथ धोखाधड़ी को कम किया जा सके। जितने भी बडे़ लेनदेन हैं, वे नकद नहीं होकर चेक से होते हैं।
जिले में 38 लाख बचत खाता
जिले में 23 राष्ट्रीयकृत और निजी क्षेत्र के बैंकों की 295 शाखाएं संचालित हो रही हैं। इनमें बचत खाता वाले ग्राहकों की संख्या 38 लाख 14 हजार है। इनमें सबसे ज्यादा ग्राहक संख्या वाले बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक यूनियन बैंक, पंजाब नैशनल बैंक, कोटक महिंद्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूको बैंक आदि शामिल हैं।
आरबीआई के आदेश पर बैंकों ने पॉजिटिव पे सिस्टम पर काम करना शुरू कर दिया है। इसमें बड़ी राशि के चेक को पास करने से पहले बैंकों को ग्राहकों से फोन पर सहमति लेना पड़ती है।
उमेंद्र सिंह, अग्रणी बैंक प्रबंधक, जबलपुर
Published on:
22 Jan 2023 01:39 pm
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