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जबलपुर. मप्र हाईकोर्ट की दो अलग-अलग एकलपीठों ने हरदा जिले की खिरकिया नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष यशोदा पाटिल व तत्कालीन प्रभारी सीएमओ आत्माराम सांवरे के खिलाफ वसूली व कानूनी कार्रवाई करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया। पूर्व खिरकिया नपा अध्यक्ष यशोदा पाटिल की याचिका जस्टिस नंदिता दुबे व आत्माराम सांवरे की याचिका जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ के समक्ष सुनी गई। याचिकाकर्ताओं का पक्ष अधिवक्ता मणिकांत शर्मा ने रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता यशोदा पाटिल 2015 में हरदा जिले की खिरकिया नगर पालिका की अध्यक्ष थीं। आत्माराम सांवरे प्रभारी सीएमओ थे। दोनों के कार्यकाल में पौधरोपण अभियान चलाया गया। इसके तहत एक लाख 64 हजार रुपए खर्च करके एक किमी के दायरे में अच्छी गुणवत्ता के 15 से 18 फुट ऊंचाई वाले पौधे लगाए गए। इसके बावजूद संदीप सिसोदिया नामक व्यक्ति ने घोटाले का आरोप लगाकर उनकी शिकायत कर दी। एसडीएम ने जांच के बाद 2017 व 2020 में दो बार शिकायतें झूठी पाईं। फिर भी तीसरी बार शिकायत कर दी गई। राजनीतिक दबाव के चलते कलेक्टर ने जांच कमेटी गठित कर दी। इस कमेटी ने आरोप सही पाकर एफआइआर व एक लाख 32 हजार की रिकवरी का आदेश जारी कर दिया। इसी आदेश को हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर चुनौती दी गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उक्तआदेश को अंतरिम रूप से स्थगित कर दिया।
Published on:
15 Mar 2021 08:46 pm
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