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कॉलेजों से कॉलोनियों तक बस बजट की चर्चा.. युवाओं ने रखी ये बात

कॉलेज कैम्पस और कॉलोनियों में चर्चा में बोले युवा और महिलाएं

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Youth will always get ready to work with firm determination - PN Sharm

युवा हमेशा दृढ़ निश्चय के साथ करें तैयारी मिलेंगी सफलता - पीएन शर्मा

जबलपुर। अंतरिम बजट में फ्यूचर का विजन दिखा है। डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। पांच साल में एक लाख गांवों को डिजिटल विलेज बनाने का निर्णय सराहनीय है। केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल के अंतरिम बजट पेश करने के बाद पत्रिका ने युवाओं और महिलाओं के व्यू जाने तो लोगों ने ये बातें कहीं।

कॉलेज कैम्पस और कॉलोनियों में चर्चा
अंतरिम बजट पेश होने के बाद कॉलेज कैम्पस और कॉलोनियों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। युवाओं और महिलाओं ने बजट के सभी प्वाइंट्स पर चर्चा की। महिलाओं ने इसे बसंत सीजन का बासंती बजट बताया। युवाओं ने कहा- डिटिजल इंडिया और मेक इन इंडिया से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। पांच साल में एक लाख गांवों को डिजिटल विलेज बनाने की घोषणा को भी सराहा। उन्होंने कहा, डिजिटल इंडिया से रोजगार बढ़ रहा है। डेटा यूज में 50 गुना वृद्धि होने से टेलीकॉम कम्पनियों में यूथ को रोजगार मिला है। यूथ को स्टडी मटेरियल और डिफरेंट टाइप के ऐप से घर बैठे महत्वपूर्ण जानकारियां मिल रही हैं। इससे समय के साथ ईंधन भी बच रहा है। सडक़ों पर यातायात का दबाव भी कम हुआ है। स्टार्ट अप इंडिया से भी यूथ की उम्मीदें बढ़ी हैं। कलाकारों ने फिल्म उद्योग के सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम को बेहतर बताया।


युवा बोले- स्वरोजगार ही विकल्प
भारत युवाओं का देश है। सभी को गवर्नमेंट जॉब मिलना सम्भव नहीं है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत स्वरोजगार मिल रहा है। उद्यम से ही प्रतिभाओं का पलायन रोका जा सकता है।
अम्बिका द्विवेदी

बजट में फ्यूचर का विजन है। स्वरोजगार में सुविधा मिले तो वुमेन घर बैठे ही अर्निंग कर सकेंगी। इनकम बढऩे से समस्याएं दूर होंगी। बजट में गल्र्स सेफ्टी की बातें भी हुई।
शिविना आहुजा

अब एक दिन में एक जीबी डाटा भी कम पड़ जाता है, लेकिन स्टडी मटेरियल आसानी से मिल रहा है। डिजिटल इंडिया से यूथ में टैलेंट बढ़ा है। आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस का भी विकास होगा।
संस्कार शुक्ला, कॉलेज छात्र

पहले किसी काम के लिए लम्बी-लम्बी लाइनों में लगना पड़ता था। पारदर्शिता बढऩे से फ्रॉड कम हुआ है। डिजिटल इंडिया से रोजगार भी बढ़ रहा है।
अनुज जैन, छात्र

महिलाओं ने कहा- किचन का बजट सुधरेगा
महिलाओं का मानना है कि बजट में सीधे तौर पर किचन पर फोकस नहीं है। आयकर की सीमा पांच लाख होने से सहूलियत मिलेगी। जीएसटी से भी महंगाई पर ब्रेक लगेगा। महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए 1330 करोड़ रुपए दिए गए हैं। वर्ष 2018-19 के लिए बजट में 174 करोड़ रुपए एक्स्ट्रा दिए गए हैं। स्वरोजगार के लिए लोन में महिलाओं को टीडीएस में छूट अच्छा प्रयास है।

इसे बसंत सीजन का बासंती बजट भी कहा जा सकता है। आयकर सीमा बढऩे से राहत मिलेगी। फैमिली का बजट अच्छा होगा तो किचन का बजट भी सुधरेगा।
शिखा पांडे, गृहणी

बजट में किचिन पर डायरेक्ट बातें नहीं हुईं। मातृत्व अवकाश, वित्तीय सहायता, गैस कनेक्शन के साथ अन्य योजनाओं में भी लाभ मिलेगा।
शैलजा सुल्लुरे, गृहणी

और ये बोले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष
अंतरिम बजट देश की दिशा और दशा बदलने वाला है। बजट देश की उन्नति में मील का पत्थर साबित होगा। जिसमें कृषि, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, बुनियादी ढांचागत क्षेत्रों को मजबूत करने के मिशन पर फ ोकस किया गया है। ये बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सांसद राकेश सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि बजट में देश के श्रमिकों, किसानों, महिलाओं और गरीबों का भी ध्यान रखा गया है। आयकर की सीमा बढ़ाकर मध्यम वर्ग को राहत देने का प्रयास किया है। बजट कृषि क्षेत्र के साथ ही किसानों के लिए भी क्रांतिकारी होगा। इससे कृषि क्षेत्र की तस्वीर भी बदलेगी। कामधेनु योजना में गौपालकों को दी जाने वाली 500 रुपए की राशि किसानों को वापस गौपालन की ओर ले जाएगी। पशुपालन में भी 2 फ ीसदी सब्सिडी देने की भी घोषणा की है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर तीन हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन का प्रावधान अच्छी पहल है। बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी आवश्यक प्रावधान किए गए हैं।

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