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हाइकोर्ट का निर्देश, राहंगडाले ही रहेंगे बालाघाट एक्सीलेंसी स्कूल के प्राचार्य

हाइकोर्ट का निर्देश, मानवतकर के कार्य करने पर रोक

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जबलपुर. मप्र हाइकोर्ट ने बालाघाट जिले के मौदा स्कूल ऑफ एक्सीलेंसी के प्राचार्य पद पर सीएल मानवतकर को बरकरार रखने के आदेश पर रोक लगा दी। इस आदेश के साथ ही उक्तपद पर युवराज राहंगडाले की फिर से ज्वॉइनिंग की राह खुल गई। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर छह सप्ताह के अंदर जवाब मांगा। बालाघाट निवासी युवराज राहंगडाले की ओर से याचिका में कहा गया कि शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक प्राचार्य के पद से उनका स्थानांतरण 28 दिसम्बर 2019 को शासकीय उत्कृष्ट उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय, बालाघाट किया गया। उन्हें 01 अप्रैल 2020 को उत्कृष्ट विद्यालय में, ज्वॉइन करने के आदेश थे। 28 दिसम्बर 2019 को ही उत्कृष्ट विद्यालय में पदस्थ प्राचार्य एलसी मानवतकर का ट्रांसफर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कायदी, बालाघाट कर दिया गया था। दोनों ही ट्रांसफर आदेश, आयुक्त लोकशिक्षण, भोपाल की ओर से जारी किए गए थे।

अधिवक्ता अमित चतुर्वेदी ने तर्क दिया कि राहंगडाले के ज्वॉइनिंग देने के पूर्व ही एलसी मानवतकर का ट्रांसफर, अपर संचालक, लोकशिक्षण ने बिना किसी अधिकारिता के दिनांक 18 मार्च 2020 को निरस्त कर दिया। जबकि, याचिकाकर्ता राहंगडाले का स्थानांतरण अस्त्तिव में था। कोरोना वायरस के फैलाव को दृष्टिगत रखते हुए आयुक्तलोकशिक्षण ने 23 मार्च 2020 को आदेश जारी कर राहंगडाले के ज्वॉइनिंग की तारीख 01 जून 2020 कर दी। लेकिन अपर संचालक, लोक शिक्षण के 18 मार्च के आदेश के कारण, राहंगडाले, उत्कृष्ट विद्यालय, बालाघाट में, प्रिंसिपल के पद पर , उपस्थित नहीं हो सकते थे। इस आदेश को युवराज राहंगडाले की ओर से चुनौती दी गई थी। प्रारम्भिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी करते हुए एलसी मानवतकर के शासकीय उत्कृष्ट उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय बालाघाट में कार्य करने पर रोक लगा दी।