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जिस भवन में बंदी थे राजा शंकर शाह, अब वो बनेगा प्रेरणा केंद्र

तीन मार्च से होगा शुरू

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Raja Shankar Shah captive place become the inspiration center

Raja Shankar Shah captive place become the inspiration center

जबलपुर. वन विभाग के डीएफओ कार्यालय में अंग्रेजों के जमाने के बंदी गृह में राजा शंकरशाह कुंवर रघुनाथ का बंदी प्रेरणा केंद्र बनाया जाएगा। शुक्रवार को यहां से कार्यालय को शिफ्ट किया गया। आदिम जाति कल्याण विभाग के तत्वावधान में तीन मार्च को प्रेरणा केंद्र स्थापना का शुभारम्भ होगा। अब लोग इस बंदीगृह को देख सकेंगे और प्रेरणा लेंगे।आदिम जाति कल्याण विभाग ने बंदी गृह को स्मारक बनाने के लिए वन विभाग से बंदी गृह के भवन की मांग की थी। डीएफओ जबलपुर में बंदी गृह एवं नारंगी क्षेत्र के कार्यालय लिए देने का प्रस्ताव दिया है। बंदी गृह जाने वाले मार्ग में बाधक लोक निर्माण विभाग के गैरेज को हटाया जा सकता है। प्रेरणा केंद्र की अंतिम रूपरेखा बनने के बाद तय होगा कि कितने भवन की आवश्यकता होगी।


हुई रंगाई-पुताई

बंदी गृह की रंगाई-पुताई के साथ वायरिंग भी करा दी गई है। जबकि, राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस 18 सितंबर को प्रतिवर्ष मप्र के विभिन्न क्षेत्रों के जनजातीय व अन्य देश भक्त वहां श्रद्धासुमन अर्पित करने जाते हैं। मुख्य रेलवे स्टेशन के सामने गोंडवाना चौक पर अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह को तोपों से शहीद कर दिया था।


आदिम जाति कल्याण विभाग की मांग पर बंदी गृह को प्रेरणा केंद्र बनाने के लिए सौंपा गया है। फिलहाल बंदी गृह और उसके समीप नारंगी कार्यालय को खाली किया गया है। तीन मार्च को प्रेरणा केंद्र स्थापना का कार्य शुरू होगा।
रवींद्र मणि त्रिपाठी, डीएफओ