वहीं जब पुलिस ने दूसरे बैग को खोलने का प्रयास किया, तो रामगोपाल ने उसे नहीं खोलने दिया। हालांकि, पुलिस की सख्ती के बाद उन्होंने वह बैग भी पुलिस को दे दिया। उस बैग में दस्तावेज थे। रामगोपाल से पुलिस ने पूछताछ की, तो पहले तो उन्होंने कहा कि वह रकम वे मजदूरों को मजदूरी देने के लिए लेकर जा रहे थे। लेकिन, जब पुलिस ने पूछा कि रकम उन्होंने कब निकाली है, तो वे हड़बड़ा गए और बातें बनाने लगे। तब पुलिस का संदेह और भी बढ़ गया।