
Location assessment started for collector guideline
जबलपुर। हर साल जिले में नई कॉलोनियों दर्ज हो रही हैं। जिन कॉलोनियों की दरें तय नहीं होतीं, उनके आसपास के इलाकों में प्रचलित दरों पर अचल संपत्ति की रजिस्ट्री की जाती है। लेकिन नई गाइडलाइन में ऐसी जगहों की दरें तय करने की शुुरुआत उप जिला समितियों की बैठकों से हो गई है। संबंधित तहसीलों के तहसीलदार और उप पंजीयक के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी भी इसमें शामिल होते हैं। बैठक से आने वाले प्रस्तावों को जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में रखा जाता है। इसमें निर्णय के बाद राज्य स्तरीय समिति में इन प्रस्तावों का अनुमोदन किया जाता है। फिलहाल 3782 लोकेशन में यह देखा जा रहा है कि इनमें कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर दस्तावेजों का पंजीयन हो रहा है या प्रचलित दरों पर।
जहां ज्यादा दरों पर पंजीयन हो रहा है, वहां गाइडलाइन में इजाफा हो सकता है। शहर में जमीन के दाम तय करने के लिए प्रस्तावित कलेक्टर गाइडलाइन के लिए सर्वे शुरू होगा। सब रजिस्ट्रार और राजस्व विभाग का अमला शहर के अलग-अलग लोकेशन पर मकान बेचने के दस्तावेजों की जांच भी कर रहा है। शहर में जमीन के दाम और प्रोजेक्ट में मकानों की खरीद-फरोख्त के रेट जुटाए जा रहे हैं।
बड़े क्षेत्रफल को मिली थी राहत
बीते वर्ष मार्च में केंद्रीय मूल्यांकन समिति की बैठक में जिला मूल्यांकन समिति के प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया था। कुल तीन हजार 782 लोकेशन में केवल 126 लोकेशन पर 10 से लेकर 20 प्रतिशत तक गाइडलाइन बढ़ाई गई थी। तीन हजार 656 क्षेत्रों में दरें यथावत रखी गई हैं।
तैयारी शुरू
कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। फिलहाल उप जिला मूल्यांकन समितियों की बैठकें की जा रही हैं। इनमें आए सुझावों को आगामी जिला समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी।
प्रभाकर चतुर्वेदी, प्रभारी वरिष्ठ पंजीयक
Published on:
27 Dec 2022 06:40 pm
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