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जिला और कुटुंब न्यायालयों में दस माह बाद शुरू होगी नियमित सुनवाई

कोरोना गाइडलाइन के पालन पर रहेगा जोर

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Madhya Pradesh High Court

जबलपुर। दस माह बाद 18 जनवरी से राज्य के जिला और कुटुम्ब न्यायालयों में फिर से पहले के समान नियमित भौतिक सुनवाई शुरू हो जाएगी । मप्र हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिए है। इस दौरान कोरोना गाइड लाइन के पालन पर जोर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि देशव्यापी लॉकडाउन के साथ 24 मार्च 2020 को जिला और कुटुम्ब अदालतों में भौतिक सुनवाई बंद कर दी गई थी । वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए अर्जेंट मामलों की सुनवाई की व्यवस्था जारी थी। 23 नवंबर 2020 से जिला और कुटुम्ब अदालतों में एक दिन छोड़ एक दिन प्रायोगिक तौर पर नियमित सुनवाई शुरू की गई । जिला और कुटुम्ब अदालतों में 14 दिसंबर 2020 से प्रायोगिक तौर सीमित प्रकरणों की भौतिक सुनवाई शुरू की गई थी।
दस से अधिक को प्रवेश नही-
जारी आदेश के तहत कोर्ट रूम में एक समय मे10 से अधिक व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। 65 वर्ष से अधिक आयु वाले अधिवक्ताओं और पक्षकारों को अदालत में भौतिक उपस्थिति से छूट प्रदान की गई है।
हस्ताक्षर नही होंगे-
नियमित सुनवाई के नोट शीट पर अधिवक्ताओं और पक्षकारों के हस्ताक्षर नहीं होंगे। सुनवाई के लिए कोर्ट रूम में प्लास्टिक शीट लगाई जाएगी। अदालत परिसर में केवल उन अधिवक्ताओं और पक्षकारों को प्रवेश दिया जाएगा, जिनके प्रकरणों की सुनवाई होना है।
बुखार, फ्लू तो प्रवेश नही-
गाइडलाइंस के अनुसार किसी अधिवक्ता और पक्षकार को बुखार या फ्लू है तो उसे अदालत परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।अधिवक्ताओं और पक्षकारों को मॉस्क लगाने के साथ सोशल डिस्टेटिंग का पालन करना होगा। कोर्ट परिसर को सेनीटाइज कराना होगा।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक, सचिव राजेश तिवारी व मॉनीटरिंग कमेटी के सदस्य और जिला अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष एचआर नायडू ने सभी अधिवक्ताओं और पक्षकारों से कोरोना गाइड लाइन का पालन करने की अपील की ।