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 प्रख्यात साहित्यकार अमृतलाल वेगड़ ने बयां किया नर्मदा का दर्द, देखें VIDEO

हमारे लिए पानी का मतलब है नर्मदा, जिसकी हमें जरूरत है, नमामि देवी यात्रा से पड़ेगा प्रभाव

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neeraj mishra

Dec 11, 2016

amritlal vegad

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राहुल मिश्रा @ जबलपुर। मशहूर नर्मदाविद् व वयोवृद्ध साहित्यकार अमृतलाल वेगड़ ने कहा कि जीवन के लिए रोटी से पहले पानी जरूरी है। हमारे लिए पानी का मतलब नर्मदा है। उन्होंने बेबाक लहजे में कहा कि नर्मदा को हमारी जरूरत नहीं, बल्कि हमें नर्मदा की जरूरत है। पत्रिका से विशेष चर्चा करते हुए उन्होंने आशा जताई कि इसे प्रदूषणमुक्त व संरक्षित करने की दिशा में सीएम शिवराज सिंह चौहान की नमामि देवि नर्मदे यात्रा का विस्तृत प्रभाव होगा।


बंद हों नाले-नाली मिलना

90 वर्षीय वेगड़ ने कहा कि नर्मदा किनारे स्थित हर शहर-गांव में गंदे नाले-नालियां नर्मदा में मिल रहे हैं। इन्हें रोकना शासन की प्रमुखता में शामिल होना चाहिए। बिना शोधन के नर्मदा में मिल रहा कारखानों का पानी प्रतिबंधित होना चाहिए।

रासायनिक गंदगी घातक

उन्होंने कहा कि गंगा-जमुना जैसी नदियों में प्रदूषण का आलम यह है कि वहां पानी नहीं, रासायनिक घोल बहता है। नर्मदा नदी की स्थिति काफी अच्छी है। यहां का पानी उतना प्रदूषित नहीं है, जितना गंगा-जमुना जैसी बड़ी नदियों का प्रदूषित हो रहा है। जैविक गंदगी जैसे फूल-पत्ती बहाना उतना घात्क नहीं है, जितना रसायन उड़ेलना।


जैविक खेती की तरफ लौटें

रासायनिक प्रदूषण के प्रति चिंता जताते हुए वेगड़ ने कहा कि उद्योगपति व कुछ अन्य लोग व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते नर्मदा को प्रदूषित कर रहे हैं। जबकि एक बड़ा वर्ग अज्ञानता मेें एेसा कर रहा है। किसान रासायनिक खाद के जरिए खेत को नशेड़ी बना रहे हैं। हर साल इसकी तादाद बढ़ती जा रही है। रासायनिक खाद बरसाती पानी के साथ बहकर नदी में मिलती है। इससे बचने का एकमात्र उपाय यह है कि जैविक खेती की ओर लौटना ही होगा।


बदलना होगा परिक्रमा का स्वरूप

वरिष्ठ साहित्यकार ने कहा कि धार्मिक कारणों से बरसों से नर्मदा परिक्रमा की जाती रही है। मुख्यमंत्री की यात्रा को सकारात्मक पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि इसका स्वरूप के वल धार्मिक नहीं, बल्कि समाज हित में है। वेगड़ ने कहा कि परंपरा बदलनी होगी। 21वीं शताब्दी की परिक्रमा धार्मिक न होकर पर्यावरणोन्मुखी होनी चाहिए।

अपना बोले तो होता है असर

वेगड़ बोले कि कानून का पालन करने में एक बार लोग हीलाहवाली कर सकते हैं, लेकिन कोई अपना या करीबी किसी बात के लिए समझाए तो जल्द असर होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नर्मदा के लिए जनजागरण करेंगे, तो सकारात्मक प्रभाव होगा।

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