
Risk of paralysis
जबलपुर. मोटापा, तनाव, अनियमित दिनचर्या और संतुलित आहार नहीं लेने से युवाओं की सेहत पर भी असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार शुगर, बीपी की अनदेखी से 35 साल से 45 साल के युवाओं को भी लकवा लगने के मामले सामने आ रहे हैं। ये बीमारी किडनी से लेकर आंख या अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा रही है।
जानकारों के अनुसार कुछ मामलों में मरीजों इन बीमारियों के लक्षण आंखों में धुंधलापन, पैरों में सूजन का पता देर से लगता है। तब तक बीमारी उसके किसी न किसी अंग को नुकसान पहुंचा चुकी होती है। विशेषज्ञों के अनुसार मरीजों को समय-समय पर स्क्रीनिंग कराना आवश्यक है। जिन लोगों के परिवार में बीपी शुगर की हिस्ट्री है, उन्हें वाषिक हेल्थ चैकअप अवश्य कराना चाहिए।
38 साल की महिला की मौत
कांचघर क्षेत्र की 38 वर्षीय महिला को चक्कर आने के बाद शरीर अकड़ने लगा। अस्पताल ले जाने पर पता लगा की उन्हें लकवा लगा है। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि महिला को बीपी और शुगर की बीमारी थी। वे नियमित दवाइयां नहीं लेती थी।
40 साल के युवक को लगा लकवा
मदनमहल निवासी 40 वर्षीय युवक कार्यालयीन कामकाज के दौरान तेज घबराहट के बाद गिर गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां पता लगा की लकवा लगा है। मुंह टेढ़ा हो गया। कांधे से लेकर बायें हाथ-पैर ने काम करना बंद कर दिया। युवक की शुगर और बीपी अक्सर बढ़ जाती है।
42 साल की महिला बिस्तर पर
अधारताल निवासी 42 साल की महिला को सुबह सोकर उठते ही शरीर में तेज जकड़न और आवाज में कंपन महसूस हुई। वे उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां बताया गया की महिला को लकवा लगा है। चार महीने के इलाज के बाद भी महिला बेड पर है। महिला को पहले से बीपी की बीमारी थी।
जिन लोगों के परिवार में बीपी या शुगर की बीमारी है, उन्हें चिकित्सक के परामर्श पर नियमित रूप से दवाइया लेने के साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराना चाहिए। बीपी या शुगर की अनदेखी नहीं करें। इससे भी लकवा का खतरा बना रहता है।
डॉ. प्रशांत पुणेकर, मेडिसिन विशेषज्ञ
Published on:
27 Sept 2023 11:47 am

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