सोशल मीडिया की रॉबिन हुड आर्मी, एक मैसेज से भर देती है भूखे पेट

400 से ज्यादा सदस्य करते हैं नि:शुल्क सेवा, गरीबों घर चूल्हा जले, तो उनसे सामान खरीदने करते हैं अपील

By: Lalit kostha

Published: 29 Dec 2020, 12:16 PM IST

जबलपुर। सोशल मीडिया में हम अक्सर टाइम पास करते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इससे समाज के निचले तबके का पेट ही नहीं भरते बल्कि जीवन बचाने से लेकर उनके घर चूल्हा जलने तक की व्यवस्था कर देते हैं। हां ये सच है। फेसबुक, वॉट्स एप पर सक्रिय ग्रुप रॉबिन हुड आर्मी जबलपुर के सदस्य ऐसे ही समाजसेवा कर रहे हैं। वे एक पोस्ट डालते हैं और फिर जरूरतमंद को मदद मिल जाती है।

ऐसे हुई शुरुआत
शांतम झा और अमन शर्मा ने दो साल पहले रॉबिन हुड आर्मी जबलपुर की शुरुआत की थी। जबलपुर हेड सुधा मालवे ने बताया कि इसमें वर्तमान में 400 से ज्यादा सक्रिय सदस्य मौजूद हैं। जो कि शत प्रतिशत सोशल मीडिया से ही जुड़े हैं और जरूरतमंदों के लिए हर समय मदद को तैयार रहते हैं। हर त्यौहार, विशेष अवसरों पर हम एक पोस्ट या कैम्पेन फेसबुक, वॉट्सएप और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर चलाते हैं। जिसके परिणाम सकारात्मक होते हैं। लोग खुद ही हमसे संपर्क कर मदद के लिए सहयोग देते हैं। हमारी पूरी सेवा और उसके काम सोशल मीडिया पर ही निर्भर हैं। जिन्हें जुडऩा होता है वे हमारे वेबसाइट और फेसबुक ग्रुप में रिक्वेस्ट भेजते हैं उनकी पूरी पड़ताल के बाद उन्हें सदस्य बना लिया जाता है।

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बचा खाना भूखे पेट तक पहुंचाते हैं
सुधा मालवे ने बताया कि रॉबिन हुड आर्मी जबलपुर का मुख्य काम घरों, पार्टियों, शादी विवाह आदि कार्यक्रमों में बचने वाले खाने को भूखे पेट तक पहुंचाने का काम है। ये काम रात को ही होता है, फिर वह बारिश की रात हो या हाड़ कंपा देने वाली ठंडी रातें, हमारे वॉलेंटियर हमेशा तैयार रहते हैं। हर दिन एक नया स्थान और जरूरतमंदों को पहले खोज लिया जाता है। फिर होटलों व आयोजकों से संपर्क कर उनके बचे भोजन को खराब होने से पहले ही भूखे पेट तक अन्न का एक एक दाना पहुंचाने का काम होता है। ये सब काम नि:स्वार्थ व नि:शुल्क किया जाता है।

शिक्षा दान में सहयोग
सुधा के अनुसार बस्तियों में जो बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं उनका प्रवेश सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाते हैं। इसके अलावा गली क्लास के माध्यम से उन्हें फ्री ट्यूशन भी देते हैं। हमारे सदस्य जो टीचिंग लाइन या जिन्हें पढ़ाने का शौक होता है इसकी जिम्मेदारी उन्हें दी जाती है। इस समय आधा दर्जन गरीब बस्तियों में फ्री गली क्लास रॉबिन हुड आर्मी जबलपुर द्वारा संचालित की जा रही हैं।

 

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रक्तदान से बनाते हैं रिश्ते
रक्तदान के लिए भी आर्मी के सदस्य हमेशा तैयार रहते हैं। एक हजार से अधिक रक्तदानदाता रॉबिन हुड आर्मी जबलपुर के संपर्क में हैं। मैसेज पोस्ट करते ही अधिकतर लोगों को रक्त मिल जाता है। रक्तदान में सबसे बड़ी एवं महत्वपूर्ण भूमिका सोशल मीडिया निभा रहा है। जहां बिना किसी से मिले ही रक्तदान करने वाला और जरूरतमंद एक दूसरे से स्वयं संपर्क कर पाते हैं।

लोकल फॉर वोकल पर फोकस, करते हैं प्रमोट
सुधा मालवे ने बताया कि हमारी आर्मी लोकल फॉर वोकल पर फोकस कर रही है। हम स्थानीय व्यवसाय करने वालों के काम को अपने सोशल मीडिया और बातचीत के जरिए प्रमोट भी करते हैं। ताकि जो गरीब तीज त्यौहारों पर बाजार में दुकान लगाकर बैठे हैं वे मल्टीनेशनल कंपनियों की चपेट में आने से बच जाएं और उनके घर भी त्यौहारों पर खुशियों का डेरा हो। इस दीवाली पर लोकल बाजार से सामान खरीदने की अपील की थी, जिसका परिणाम बहुत अच्छा रहा।

2021 पर्यावरण को समर्पित
रॉबिन हुड आर्मी जबलपुर 2021 पर्यावरण को समर्पित करने जा रही है। इसमें 9 जनवरी से 26 जनवरी 2021 तक शहर में लगभग 15 हजार पौधे लगाएगा। जिन्हें पेड़ बनाने की जिम्मेदारी भी आर्मी के सदस्यों की होगी। इसके लिए लोगों से संपर्क शुरू हो गया है।

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Lalit kostha Desk
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