जबलपुर। बोर्ड परीक्षा में फेल हुए छात्रों के लिए शुरू की गई 'रूक जाना नहीं' योजना के कदम चलने से पहले ही थम गए हैं। निराशा की गर्त में डूबे जिले के 6000 छात्रों को पास होने का मौका देने के लिए शासन ने यह योजना शुरू की। इसके लिए स्पेशल कोचिंग कैम्प आयोजित किए गए, लेकिन जिले के अफसरों की लापरवाही के चलते 1000 बच्चे भी कैम्प में नहीं पहुंचे। जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों ने बच्चों को कैम्प तक लाने में लापरवाही बरती। न तो योजना का प्रचार-प्रसार किया गया न ही फेल छात्रों से शिक्षकों ने संपर्क साधा।