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जबलपुर। शहर में लकड़ी और स्टील फर्नीचर का मार्केट देश के सस्ते मार्केट में गिना जाता है। यहां बना लग्जरी फर्नीचर देश के कोने कोने में सप्लाई होता है। साथ ही इसकी क्वालिटी भी राष्ट्रीय स्तर के उत्पादों जैसी होती है। यही वजह है कि जबलपुर का फर्नीचर मार्केट असंगठित होते हुए भी जमकर व्यापार कर रहा है। लेकिन इन व्यापारियों की एक कमी भी है, जो इनके मार्केट को बदनाम भी करती है। यहां के दुकानदार बीच सड़क तक अपनी दुकानें लगा लेते हैं। जिससे यातायात तो बाधित होता ही है, ग्राहक भी आने से बचते हैं।
about- निगम के मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई तीन ट्रक कूलर, सोफे और पलंग जब्त
नगर निगम के मोबाइल कोर्ट ने बुधवार दोपहर सड़क तक सामान रखकर दुकान लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। रद्दी चौकी से अधारताल तिराहा तथा वहां से रद्दी चौकी होते हुए दमोहनाका तक कार्रवाई में तीन ट्रक सामान जब्त किया गया। ४३ दुकानदारों पर प्रकरण बनाए गए। जब्त कूलर, सोफे, पलंग, अलमारी आदि को निगम के पुराने दमकल विभाग के कार्यालय में रखा गया है।
बहुत कम है कीमत
जानकारों की मानें तो जबलपुर के रद्दी चौकी क्षेत्र में मिलने वाला फर्नीचर कुशल कारीगरों द्वारा बनाया जाता है। ये फर्नीचर शहर के कई बड़े ब्रांडेड शोरूम मालिक भी खरीकर महंगे दामों पर बेचते हैं। वहीं लोग शादी विवाह में अब शोरूम की अपेक्षा यहां से फर्नीचर खरीदना पसंद करते हैं।
आम तौर पर शोरूम में मिलने वाला लग्जरी सोफा सेट ३० से ३५ हजार रुपए में आता है। जबकि यहां पर उसकी कीमत २० हजार रुपए तक अधिकतम होती है। वहीं २५ हजार से ३० हजार रुपए कीमत वाला शाही दीवान, १५ से २० हजार के बीच में ही मिल जाता है। इसके अलावा बोर्ड से बना अलमीरा, स्टील आलमारी, ड्रेसिंग टेबिल, डाइनिंग टेबिल, शो-केस आदि भी बहुत ही कम कीमत में यहां मिल जाते हैं।
लाइसेंस भी चैक
विशेष नगर निगम मजिस्ट्रेट, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आशीष ताम्रकार बुधवार दोपहर प्रभारी उपायुक्त अतिक्रमण राजवीर सिंह नयन व अतिक्रमण विभाग के दस्ते के साथ रद्दी चौकी पहुंचे। दुकान के बाहर सड़क पर सामान रखकर विक्रय करने वालों पर कार्रवाई करने के साथ ही लाइसेंस भी चैक किए। जिन दुकानदारों के प्रकरण तैयार किए गए, उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस दौरान अतिक्रमण विभाग के विजय वर्मा, सागर बोरकर, लक्ष्मण कोरी, राजू रैकवार आदि मौजूद थे। दुकानदारों को सड़क पर सामान न रखने की हिदायत भी दी गई।
मारने दौड़ा युवक
रद्दी चौकी से अधारताल तिराहे तक कार्रवाई के दौरान दुकान के बाहर का सामान उठाते देख एक युवक पाइप लेकर निगम कर्मियों को मारने दौड़ा। उसे बताया गया कि निगम के मजिस्टे्रट कार्रवाई कर रहे हैं।
घंटाघर मार्केट कार्रवाई में फिर पेंच
दुकान के बदले दुकान देने पर बनी सहमति के बाद घंटाघर जोन कार्यालय के पास स्थित निगम मार्केट को तोडऩे का पेंच फिर फंस गया है। बुधवार को निगम के अफसरों की ओर से प्रीमियम राशि देने की बात किए जाने से दुकानदार विरोध पर उतर आए। विनय सक्सेना सहित अन्य कांग्रेसी भी मौके पर पहुंच गए। यहां निगम अफसरों व उनमें देर तक चर्चा होती रही। दुकानदारों का कहना था कि कल्चरल एंड इंफार्मेशन सेंटर के लिए एक तो उनकी दुकानों को तोड़ा जा रहा है और दुकान के बदले दुकान की मांग पर प्रीमियम राशि भी मांगी जा रही है, जो कि गलत है। मंगलवार को निगम अफसरों व दुकानदारों में दुकान के बदले दुकान देने की बात पर सहमति बन गई थी। दो दिन में दुकान खाली करने को सब तैयार हो गए थे।
Published on:
03 May 2018 04:08 pm

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