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#Smartcity संग्रामसागर बारादरी की सुरंग बंद, रेंग रहा 3.97 करोड़ का प्रोजेक्ट, पर्यटन हब अधूरा

#Smartcity संग्रामसागर बारादरी की सुरंग बंद, रेंग रहा 3.97 करोड़ का प्रोजेक्ट, पर्यटन हब अधूरा  

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जबलपुर. गोंडवानाकालीन ऐहतिहासिक संग्रामसागर को अपग्रेड करने में स्मार्ट सिटी आगे आया है। शुरुआती तौर पर यहां काम किया गया, लेकिन यहां बारादरी में सुरंग दिखाई देते ही नीचे के खंड को कॉन्क्रीट से बंद करके निर्माण कार्य रोक दिया गया है। इसके बाद निर्माण कार्य क्यों नहीं शुरू किया गया। मामले में जिम्मेदार गोलमोल जवाब देकर इस जवाबदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

ये है हकीकत-
प्रोजेक्ट लागत- 3.97 करोड रुपए

प्रस्तावित निर्माण कार्य- रिटर्निंग वॉल, बाउंड्रीवॉल, लैंडस्कैप वर्क, गार्डन वर्क, लाइटिंग वर्क, वॉक वे, किड्स प्ले एरिया।

संग्रामसागर के पर्यटन महत्व को देखते हुए तालाब सहित तालाब के बीच में बनी बारादरी के ढांचे को पुरातन रूप देने के उद्देश्य से स्मार्ट सिटी ने प्रोजेक्ट बनाया है। इसके विकास के लिए 3.97 करोड़ की राशि भी स्वीकृत की गई है। इसमें बारादरी तक पहुंचमार्ग, लाइटिंग सहित अन्य पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाना है।
अपग्रेडेशन के नाम पर बंद की सुरंग

संग्रामसागर की बारादरी में स्मार्ट सिटी द्वारा अपग्रेडेशन के नाम पर सिर्फ सुरंग बंद कर दी है। इसके ढांचे में कोई कार्य नहीं किया गया है। न ही यहां पर्यटन सुविधाएं जुटाने के कोई प्रयास किए गए हैं।

बंद करवा दिया तलघर का कमरा

बारादरी में निर्माण कार्य शुरू होते ही अफसरों को तलघर के कमरे में एक सुरंग दिखाई दी थी। सुरंग का पता चलते ही तात्कालीन कलेक्टर कर्मवीर शर्मा सहित नगर निगम के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और इस सुरंग के कमरे को ही पत्थरों से बंद करवा दिया। सुरंग के बारे में इतिहासविद् राजकुमार गुप्ता कहते हैं कि यह सुरंग रानी के किले तक जाती है। इसके अलावा किले से मंडला तक एक अन्य सुरंग से ये जुड़ती है। इस गुप्त रास्ते के जरिए गोंडवानाकाल में राज्य की गतिविधियों को नियंत्रण रखने में इस्तेमाल किया जाता था।

ये है हकीकत
तालाब में पानी कम होने से बारादरी किनारे आ गई है। यहां तक पहुंचने के लिए रामपुर शक्तिनगर मार्ग से मदनमहल की पहाड़ी के किनारे से उबडख़ाबड़ रोड एप्रोच मार्ग है। बारिश के दिनों में इस मार्ग पर यातायात सम्भव नहीं है। मौजूदा हालात यह है कि बारादरी के बाईं ओर का ढांचा ढह गया है। ऊपरी तल पर ढांचे में जगह-जगह दरारें पड़ चुकी हैं। पुराना प्लास्टर उधड़ रहा है। ढांचे के किनारे तालाब में दलदल की स्थिति है। इस जगह पर निगरानी नहीं होने से अवांछित तत्व पहुंच रहे हैं।

स्मार्ट सिटी का कार्य चल रहा है। इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

रवि राव, प्रशासनिक अधिकारी, स्मार्ट सिटी