
Ishita
जबलपुर. कम उम्र में ही संगीत की दुनिया में नाम कमाने वाली शहर की बेटी इशिता विश्वकर्मा ने संगीत के क्षेत्र में जबलपुर को एक बार फिर से गौरव करने का मौका दिया है। इशिता ने रियलिटी शो सारेगामापा 2018-19 सीजन में विनर बनी हैं। इशिता को हिन्दुस्तान ने दिल खोलकर वोट किया और विजेता बनाया। विजेता बनने पर इशिता को पांच लाख रुपए भी मिले हैं। इशिता की इस उपलब्धि पर उसे बधाइयां देने वालों का तांता लगा है। इशिता के दादा गणेश प्रसाद विश्वकर्मा भी संगीत प्रेमी थे। जिनकी प्रेरणा से उनके पिता अंजनी विश्वकर्मा ने विधिवत संगीत का प्रशिक्षण लिया। मां तेजल विश्वकर्मा भी गायिका हैं। संगीत का हुनर इशिता को परिवार से ही मिला है।
इशिता जब पांच वर्ष की थी, तब से ही बाल भवन में आना शुरू कर दिया था। सुबह पांच बजे उठने वाली इशिता रात 10 बजे के बाद तक अपने स्कूली पाठ्यक्रम के अलावा संगीत को अपने अभ्यास में निरंतर जारी रखती हैं। गुरु प्रकाश विरुलकर और डॉ. शिप्रा सुल्लेरे के अलावा अपने पैरेंट्स से भी नियमित प्रशिक्षण प्राप्त करती थीं। इशिता अक्सर यही कहती हैं कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सफलता के लिए मेहनत बहुत जरूरी है।
देश में मिले सबसे ज्यादा वोट
इशिता को पूरे देश से सर्वाधिक वोटिंग प्राप्त हुई है और इशिता सबसे अधिक लोकप्रिय गायिका के रूप में उभर कर आई है। सारेगामापा में इशिता ने पहले भी भाग लिया है। तब वे टॉप 12 तक जा सकी थीं। महिला बाल विकास विभाग ने इशिता को उसके एल्बम लाडो मेरी लाडो एवं बाल विवाह की रोकथाम करने के लिए किए गए कार्यों से प्रभावित होकर सम्मानित किया था।
अभी और भी बनाने हैं माइलस्टोन
पत्रिका से टेलीफोनिक इंटरव्यू में इशिता ने बताया कि विनर होने का खिताब जीत लेने का पूरा श्रेय वे अपनी मां और ईश्वर को देती हैं। इशिता ने बताया कि सारेगामापा का विनर बन जाना ही केवल सपना नहीं है। उन्हें अभी और भी कई माइलस्टोन बनाने हैं। इशिता का कहना है कि उनके पास अब कई प्लेबैक सिंगिंग के ऑफर आए हैं, जिसके लिए वे पूरी तरह तैयार हैं। वे यहां पर भी अपना बेस्ट देंगी।
Published on:
25 Jan 2019 01:10 am
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