
MP News :जबलपुर के एक कारोबारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook) पर कपड़ों का विज्ञापन देख ऑर्डर करना महंगा पड़ गया। कम्पनी संचालक ने उन्हें फर्जी रसीद भेज सवा चार लाख रुपए की चपत लगा दी। कारोबारी की शिकायत की जांच के बाद सिविल लाइंस पुलिस ने गुरुवार रात आरोपी पर प्रकरण दर्ज किया।
पुलिस ने बताया कि कैरव्ज कम्पाउंड निवासी नीलेश मसीह कपड़ा दुकान संचालक हैं। फेसबुक(Facebook) पर ऑनलाइन सर्चिंग के दौरान उनकी नजर द इंडियन क्लोथिंग कम्पनी के विज्ञापन पर गई। उन्होंने विज्ञापन में दिए नम्बर पर कम्पनी के संचालक दुग्गल दुलाल के कर्मचारी विकास से सम्पर्क किया। दुलाल ने उन्हें कपड़ों के सैम्पल भेजे। पसंद आने पर नीलेश ने जींस, साड़ी, टी शर्ट, जैकेट, हुडी, सलवार सूट, गाउन, समेत 1100 कपड़ों को ऑर्डर(Online Shopping) किया। दुलाल ने उन्हें क्यूआर स्केनर भेजा, जिस पर नीलेश ने चार लाख 27 हजार 908 रुपए ट्रांसफर किए। वॉट्सऐप पर उन्हें माल डिलेवरी की रसीद भेजी गई। तय तारीख तक डिलेवरी नहीं होने पर नीलेश कोरियर कम्पनी गए, तब पता चला कि रसीद फर्जी है। उन्होंने कम्पनी में फोन किया तो 25 हजार रुपए और मांगे गए।
एक युवक ने दो लाख रुपए में कार बेचने का सौदा कर 1.90 लाख रुपए ले लिए। एक दिन बाद नाम ट्रांसफर कराने की बात कहकर दस्तावेज और कार ले लिया। पीड़ित की शिकायत की जांच के बाद विजय नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि घड़ी चौक निवासी अश्वनी विश्वकर्मा ने 17 अगस्त 2023 को लमती निवासी चंद्रशेखर सेन से 2 लाख रुपए में कार खरीदने का सौदा किया। उसने चंद्रशेखर को एक लाख 90 हजार रुपए दिए। अगले दिन चंद्रशेखर भाई गिरीश सेन के साथ अश्वनी के घर गया। कार उसके नाम पर ट्रांसफर कराने के लिए वाहन और दस्तावेज मांगे। उनकी बातों में आकर अश्वनी ने दस्तावेज और कार दे दिए। इसके बाद उसे ना तो कर मिली और ना ही रकम। अश्वनी ने जांच-पड़ताल शुरू की तो पता चला कि कार को एक बैंक में गिरवी रखा गया है। गरीश उसे भोपाल में टैक्सी में चला रहा है।
Updated on:
22 Mar 2025 11:43 am
Published on:
22 Mar 2025 11:43 am
