
एसोसिएशन ने लगाया आरोप कहा कि निजी स्कूलों के दबाव में बिना तैयारी किए फैसला ले रही सरकार ...
जबलपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने जिले के 629 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के बैंक खातों को बंद करने का निर्णय किया है। इस सम्बंध में स्कूलों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत सीनियर (वरिष्ठ) स्कूल के सिंगल खाते से व्यवस्थाओं का संचालन किया जाएगा। खातों की राशि आरएसके को ट्रासंफर की जाएगी। स्कूलों में इंटीग्रेटेड सिस्टम भी लागू किया जाएगा। इसके तहत स्कूलों के शिक्षकों को दूसरे स्कूल में जाकर पढ़ाने की व्यव्स्था की जाएगी।
सम्भाग के 4500 स्कूलों के खाते होंगे
जबलपुर सम्भाग में करीब सात हजार प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकंडरी स्कूल हैं। इनमें से 4500 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के बैंक खाते बंद कर सिंगल अकाउंट खोला जाएगा, जिसका संचालन बड़े स्कूल (हाई स्कूल या हायर सेकंडरी स्कूल) करेंगे।
करोड़ों रुपए होने का अनुमान
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार प्रदेशभर में करीब 20 हजार प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के खाते बंद किए जाएंगे। स्कूलों के खातों में विभिन्न योजनाओं के करोड़ों रुपए वर्षों से जमा हैं, जिनका उपयोग नहीं हो सका है। खातों को बंद कर उनमें जमा राशि राज्य शिक्षा केंद्र (आरएसके) को ट्रांसफर की जाएगी। इसका उपयोग शैक्षणिक गतिविधियों और अन्य योजनाओं में किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार कोरोना संकट काल के मद्देनजर भी केंद्र और राज्य स्तर पर विभागों की अनुदान राशि में कटौती की जा रही है। विभागों को मितव्ययिता बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग इस पर लम्बे समय से काम कर रहा है।
जिले के 629 स्कूलों के बैंक खातों को बंद करने के निर्देश मिले हैं। ऑडिट के बाद राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कराई जा रही है। स्कूलों में जल्द ही इंटीग्रेटेड सिस्टम लागू किया जाएगा।
डीके श्रीवास्तव, अतिरिक्तजिला परियोजना समन्वयक
Published on:
14 Jun 2020 08:20 pm
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