
22जनवरी को बसंत पंचमी के स्वयं सिद्ध मुहूर्त होगा। इसमें सभी शुभ कार्य में मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे।
जबलपुर। देवउठनी एकादशी या बड़ी ग्यारस के बाद से ही मांगलिक कार्यों की झड़ी लग जाती है या नहीं हर घर शहनाई और बधाइयों के गुण सुनाई देती है। लेकिन इस बार मुहूर्त नहीं थे किंतु निराश होने की बात नहीं है। 8 नवंबर को गुरु का उदय होने वाला है। जिससे मांगलिक कार्य शुरु होने वाले हैं और फिर यह अगले 4 महीने तक जारी रहेंगे। यह मांगलिक कार्य 15 दिसंबर तक जारी रहेंगे। इसके बाद धनु का मलमास शुरू हो जाएगा तथा 6 फरवरी तक शुक्र अस्त शुक्र का बाल्यत्व दोष है। उसके बाद 7 फरवरी से शुभ कार प्रारंभ हो जाएंगे। 22जनवरी को बसंत पंचमी के स्वयं सिद्ध मुहूर्त होगा। इसमें सभी शुभ कार्य में मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे।
ज्योतिषाचार्य सचिन देव महाराज एवं सत्येंद्र स्वरूप शास्त्री के अनुसार 8 नवंबर की तारीख बहुत अहम है। 13 अक्टूबर से 8 नवंबर तक गुरु व्यस्त होने के कारण सभी विवाह आदि मांगलिक कार्य वर्जित है। देवउठनी एकादशी तक सभी कार्य प्रतिबंधित थे लेकिन 8 नवंबर के उदय होने से घर में शहनाई बजने लगेंगी और साथ ही खुशहाली भी बिखरेगी।
मांगलिक कार्यों की लगेगी झड़ी मिलेगी हरी झंडी
ज्योतिष के अनुसार 31 अक्टूबर के बाद से भगवान विष्णु के जागने से कई मांगलिक कार्यों का मुहूर्त शुरू हो गया है। ऐसे में व्यापार आरंभ वाहन क्रय करना नई मशीनरी खरीदना या कल कारखाना प्रारंभ करना प्रसूति स्नान खेतों में जुताई आदि नामकरण संस्कार कैसे शुरू हो चुके हैं। 8 से 10 नवंबर तक बृहस्पति का बाल्यत्व दोष रहेगा। जिसमें विवाह नहीं होंगे। वैसे इस स्थिति में दोष आवश्यक कार्य किए जा सकेंगे। ११ नवंबर को मघा नक्षत्र में और 12 नवंबर को विवाह मुहूर्त के श्रेष्ठ मुहूर्त हैं। जिसमें जबलपुर सहित देश में कहीं भी विवाह शादी मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे।
15 दिसंबर से लगेगा मलमास
15 दिसंबर से मलमास लगने वाला है। यानि सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने से मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। लेकिन 7 फरवरी से सावों की झड़ी फिर से शुरू हो जाएगी। इससे अन्य मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो जायेंगे जो मार्च तक चलेगा।
Published on:
05 Nov 2017 01:11 pm
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