
Shri Ram's marriage
जबलपुर. हर साल मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी मनाई जाती है। मान्यता के अनुसार इसी दिन मिथिला में सीता स्वयंवर जीतकर भगवान श्रीराम ने माता जानकी से विवाह किया था। इस बार विवाह पंचमी 17 दिसम्बर को पड़ेगी। इस दिन शुभफलदायक हर्षण योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस योग का सभी राशियों पर सकारात्मक व शुभ प्रभाव पड़ेगा। इस शुभ अवसर पर मंदिरों में श्रीराम और माता सीता की विशेष पूजा होगी। विवाह पंचमी के दिन कई विवाह भी होंगे।
पूजा का मुहूर्त
सुबह 8.24 बजे से दोपहर 12.17 बजे तक विवाह पंचमी पूजा मुहूर्त : दोपहर 1.34 बजे से दोपहर 02.52 बजे तक शाम 05.27 बजे से रात 10.34 बजे तक
निवाड़गंज स्थित माता अन्नपूर्णा के मंदिर में विवाह पंचमी पर भव्य आयोजन होता है। इस बार भी मंदिर से भगवान श्रीराम की बारात निकालकर प्रभु राम और मां सीता के विवाह की परंपरा निभाई जाएगी। इसके लिए तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
बन रहे शुभ संयोग
ज्योतिषाचार्यो के अनुसार विवाह पंचमी के दिन हर्षण योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यतानुसार हर्षण योग में राम और माता सीता की पूजा करने से कई गुना अधिक शुभ फल की प्राप्ति होती है। हर्षण योग 17 दिसम्बर को रात 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। विवाह पंचमी पर बालव और कौलव करण का भी निर्माण हो रहा है। सर्वप्रथम बालव करण योग का निर्माण संध्याकाल 05 बजकर 33 मिनट तक है। इसके बाद कौलव करण 18 दिसंबर को प्रात: काल 04.22 बजे तक है।
उदयातिथि से 17 दिसम्बर को
ज्योतिषाचार्य जनार्दन शुक्ला ने बताया कि मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 16 दिसंबर को रात 08 बजे से शुरू होगी और 17 दिसंबर को संध्याकाल 5.53 बजे समाप्त होगी। सनातन धर्म में सूर्योदय के बाद उदयातिथि की गणना की जाती है। इसलिए उदयातिथि के अनुसार 17 दिसंबर को विवाह पंचमी मनाई जाएगी।
Published on:
14 Dec 2023 05:31 pm

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