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दवा लेने से पहले मरीज जान सकेंगे उसके साइड इफेक्ट

मरीजों को अनजाने में दवा के नुकसान से बचाने की कवायद

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Nagaur patrika

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जबलपुर। धूम्रपान सम्बंधी उत्पादों में उसके दुष्प्रभाव की जानकारी देने की व्यवस्था के बाद अब इसी प्रकार का जल्द ही दवा के रैपर पर उसके साइड इफेक्ट की जानकारी मिलेगी। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय ड्रग कंट्रोल विभाग की ओर से दवा निर्माताओं को दवा के रैपर पर उनके साइड इफेक्ट्स लिखने के लिए बाध्य करने की तैयारी कर ली गई है। इसका नोटिफिकेशन जल्द ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किया जाएगा।

दवा के नुकसान से बचाने की कोशिश
यह कवायद अनजाने में इस्तेमाल की जाने वाली दवा के नुकसान से बचाने की कोशिश है। जानकारों की मानें, तो कई एंटीबायोटिक और एंटी डिप्रेशन की दवाओं के साइड इफेक्ट सामने आए है। डॉक्टर्स का मानना है कि ज्यादातर दवा के साइड इफेक्ट होते हैं। कुछ कम और कुछ ज्यादा। दवा के गलत उपयोग एवं उसके ज्यादा मात्रा में सेवन से भी स्वास्थ्य को गम्भीर नुकसान होने की आशंका रहती है।

बढ़ेगी जानकारी
दवा के रैपर पर अभी नाम, बेसिक ड्रग, मात्रा, डोज, सावधानियां, मूल्य, निर्माता का नाम, पता, मैन्यूफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट सहित कुछ अन्य जानकारियां दर्ज रहती हैं। इनके साथ ही अब रैपर में दवा के साइड इफेक्ट की जानकारी रहेगी।

इनमें असर अधिक
चिकित्सकों के अनुसार एंटीबायोटिक दवा के साइड इफेक्ट होते है। चर्म रोग हो सकता है। मोटापा रोकने, आर्थराइटिस, मानसिक रोग, इम्यूनिटी पावर बढ़ाने वाली दवाओं के साथ ही पेनकिलर्स के भी साइड इफेक्ट होते है। माइग्रेन, मिर्गी, ताकत बढ़ाने वाली दवा के साइड इफेक्ट के रूप में कई बार लोगों को घबराहट और हार्ट बीट बढऩे जैसी स्थिति बनती है।

आयुर्वेद भी दायरे में हो
सरकार की ओर अभी सिर्फ एलोपैथी दवाओं के साइड इफेक्ट को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। जानकारों का मानना है कि आयुर्वेद दवाओं को भी दायरे में रखना चाहिए। आम लोगों में भ्रांति है कि आयुर्वेद दवा फायदा नहीं करेगी, तो सेहत पर विपरीत प्रभाव भी नहीं करेगी। जबकि, आयुर्वेद दवा का भी साइड इफेक्ट होता है।

ड्रग कंट्रोल विभाग की ओर से नियम बनाया जा रहा है कि दवा के रैपर पर उसका साइड इफेक्ट भी रहे। इससे आम लोगों को सम्बंधित दवा के नुकसान की पूरी जानकारी होगी। मेडिकल छात्रों और जूनियर डॉक्टर्स को भी दवाओं की बेहतर समझ होगी। स्वास्थ्य पर दवा के विपरीत प्रभाव से बचाव के लिए यह जरूरी है कि बिना डॉक्टरी परामर्श के जनमानस दवायें न लें।
डॉ. राकेश पांडे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन