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सावधान ! कहीं आपके बच्चे का भी डेटा तो नहीं हुआ लीक

कमीशन की एेसी लत, छात्रों का पर्सनल डाटा ही स्कूलों ने कर दिया बुक सैलरों के हवाले, सुरक्षा मे हो सकती है बड़ी चूक, प्रशासन शिक्षा विभाग अंजान, स्कूल में पढ़ रहे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर आप सावधान हो जाइए। क्योंकि स्कूल को दी गई आपकी और बच्चों की पर्सनल जानकारी अब पर्सनल नहीं रही बल्कि सार्वजनिक कर दी गई है। शहर के कुछ तथाकथित अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों ने यह कर दिया है सिर्फ चंद पैसों की खातिर। पढि़ए पूरी स्टोरी.....

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Somewhere ! Your child's personal data so careful not leaking

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जबलपुर।

किसी भी छात्र या अभिभावक का पर्सनल डाटा किसी को नहीं दिया जा सकता। लेकिन यह जानकर हैरानी होगी कि नए शिक्षण सत्र पर किताब कापियों में निजी स्कूलों की मनमानी और कमीशनखोरी की आड़ में कुछ तथाकथित स्कूलों ने छात्रों और अभिभावकों का पर्सनल डाटा ही अपने चेहते पुस्तक विक्रेताओं, डीलर के हवाले कर दिया गया है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब पेरेंटस के पास एक बड़े पुस्तक विक्रेता के पास से फोन और मैसेज आने शुरू हो गए। यह देखकर अभिभावक भी असमंजस में पड़ गए। इसे लेकर अभिभावकों में खासी नाराजगी है। विदित हो कि १ अप्रैल से नया शिक्षण सत्र स्कूलों में शुरू हो रहा है। कापी, किताब, डे्रस मटेरियल के नाम पर मिलने वाले कमीशन की आड़ में स्कूल सभी हथकंडे अपना रहे हैं।

एक समुदाय विशेष के स्कूलों की कारिस्तानी

जानकारों के अनुसार शहर के एक समुदाय विशेष के अंग्रेजी स्कूलों द्वारा यह कारिस्तानी की गई है। नर्सरी कक्षा से लेकर हायर कक्षा में पढऩे वाले छात्र अभिभावकों के नाम, मोबाइल नंबर दे दिए गए। एेसे करीब आधा दर्जन स्कूलों द्वारा यह कारिस्तानी की गई। डाटा देने के पहले अभिभावकों से भी यह नहीं पूछा गया कि उनकी पर्सनल जानकारी किसी को शेयर कर रहे हैं।

मैसेज भेजकर कहा एप करो डाउनलोड

एक डीलर द्वारा पुस्तक बेचने के लिए अभिभावकों के मोबाइल पर मैसेज भेजकर मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कहा जा रहा है। बताया जाता है डिलेवर माइ बुक एप को डाउनलोड करने के बाद घर तक पुस्तिकों का सेट भिजवाने की बात कही जा रही है। इस काम में एक बड़े स्कूल का प्रबंधन भी पूरी तरह इन्वाल्व बताया जा रहा है।

-एक निश्चित दुकान से किताब कापियां खरीदने के लिए मोबाइल मैसेज किए जा रहे हैं। दो तीन बार फोन भी आया। मोबाइल नंबर कहां से मिला तो कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।

-संदीप भौमिक, अभिभावक

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-किसी भी अभिभावक का डाटा बिना उनके परमीशन से किसी दूसरे को नहीं दिया जा सकता। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने एक पुस्तक विक्रेता को उपलब्ध कराया गया। प्रशासन एवं शिक्षा विभाग को इस दिशा में कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

-अंजुलता सोनी, अभिभावक

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-इस संबंध में निश्चित ही हम जानकारी पता कर जांच कराएंगे। यदि एेसा कोई स्कूल और पुस्तक विक्रेता कर रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।

-सुनील नेमा, जिला शिक्षा अधिकारी