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#Sports : 200 खिलाड़ी भी नहीं ढूंढ़ सका विभाग, परीक्षा के बहाने टैलेंट का हंट,

खेलो इंडिया टैलेंट हंट प्रोग्राम के लिए 29 फरवरी तक होना है रजिस्ट्रेशन  

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#Sports

जबलपुर. पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब, एक समय था जब अभिभावक अपने बच्चों से यह कहते हुए खेलों से दूरी बनाने के लिए कहते थे। लेकिन, अब खेल कॅरियर बनाने का विकल्प हो गए हैं। खेलों में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए पहली बार भारतीय खेल प्राधिकरण के माध्यम से टैलेंट सर्च का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन, इस योजना को जिले के अधिकारी ही पीछे धकेलने में लगे हैं। जिले में हजारों की संख्या में खेल प्रतिभाएं हैं। जबकि, चंद खिलाड़ियों को खेल विभाग शामिल करा पाया है।

जिले से केवल 150 जुड़े
खेलो इंडिया टैलेंट हंट प्रोग्राम के लिए छात्र-छात्राओं को 29 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन कराना है। चयन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए नि:शुल्क कोचिंग दी जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने 9 से 18 साल तक के छात्रों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए थे। जिले के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिले से अभी तक 150 छात्रों को ही शामिल किया गया है। जबकि, खिलाड़ियों की संख्या जिले में 5000 है।

8 मार्च को होनी है असेसमेंट ड्राइव
खेलो इंडिया टैलेंट असेसमेंट ड्राइव 8 मार्च को देश के 50 स्थानों पर आयोजित की जानी है। प्रदेश के 6 जिलों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, टीकमगढ़ और धार में पहला मूल्यांकन अभियान आयोजित होगा। पहले अनुमान लगाया गया था कि इसमें लगभग 50 हजार खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। लेकिन अब 5000 खिलाड़ी ही मुश्किल से जुट पाएंगे।

ये खेल शामिल
टैलेंट हंट कार्यक्रम के तहत फुटबॉल, कबड्डी, वालीबाल, आर्चरी, खो-खो, एथलेटिक्स, रेसलिंग, वेटलिफ्टिंग और बॉक्सिंग खेल को शामिल किया गया है। इन खेलों के लिए छात्रों को माय भारत पोर्टल पर खेलो इंडिया टैलेंट हंट ( केटीएच ) कार्यक्रम के लिए पंजीकृत करने 5 जनवरी को निर्देश जारी किए गए थे।

टैलेंट हंट को लेकर छात्रों को जोड़ने के लिए लगातार कहा जा रहा है। परीक्षाओं के चलते छात्र आगे नहीं आ रहे हैं। हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इससे जोड़ सकें।
- गुंजन श्रीवास्तव, जिला क्रीडा अधिकारी

छात्र और अभिभावकों को हम जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। पहले सीधे एंट्री का प्रावधान था बाद में छात्रों के मोबाइल के आधार पर रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई।
- एसके प्रसाद, साईं सेंटर इंचार्ज