
Steel industry: Jabalpur may soon be famous as Bhilai and Tatanagar
जबलपुर। जबलपुर जल्द ही स्टील नगरी भिलाई और टाटानगर जैसा विख्यात हो सकता है। यहां इस्पात उद्योग लगाने की संभावनाएं बहुत बढ़ गई हैं। क्षेत्र में न केवल आयरन की बड़ी मात्रा में उपलब्ध है बल्कि यहां अन्य खनिज भी मिले हैं। जिले की भौगालिक स्थिति भी अनुकूल है और इस्पात उद्योग के लिए जरूरी सभी संसाधन यहां भरपूर हैं। ऐसे में स्टील इंडस्ट्री की राह खुल रही है।
मंत्रालय की टीम लेगी जायजा
जिले में स्टील इंडस्ट्री के लिए लगातार चर्चा चली आ रही थी पर हाल ही इस बात को और बल मिला है। जिले में आयरन के नए ब्लाक मिले हैं। इतना ही नहीं यहां मैंगनीज के भी ब्लाक मिले हैं। आयरन के नए ब्लाक मिलने के साथ ही प्रस्तावित स्टील इंडस्ट्री के लिए नई राह खुल गई है। जिले के पास ही कोयले का भंडार भी मौजूद हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए यहां पर इस्पात उद्योग लगाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। केन्द्रीय इस्पात मंत्रालय दिल्ली की टीम इसके लिए जल्द ही यहां आ रही है।
बढ़ गई संभावनाएं
आयरन के नए ब्लाक मिलने के बाद जबलपुर में इस्पात उद्योग की स्थापना की संभावना प्रबल हो गई है। जिले की भौगोलिक स्थिति बहुत अच्छी है,सडक़ और रेल सेवाओं के साथ ही शहर हवाई सेवा से भी जुड़ा है। स्टील इंडस्ट्री के लिए जरूरी कोयला महज 150 किमी. की दूरी पर उपलब्ध है।
मंत्री ने भी की तस्दीक
हाल ही में केन्द्रीय इस्पात राज्यमंत्री विष्णुदेव साय जबलपुर आए थे। इस दौरान उन्होंने भी मीडिया से बातचीत में इस बात की तस्दीक की कि जबलपुर में उपलब्ध प्राकृतिक संपदाओं को देखते हुए यहां पर इस्पात उद्योग लगाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय इस्पात मंत्रालय का काम परामर्शदाता की तरह ही है। हम इस्पात उद्योग लगाने की सिर्फ सलाह दे सकते हैं और यह काम हम करेंगे। उन्होंने जबलपुर में स्टील इंडस्ट्री के लिए संभावनाएं खोजने के लिए केन्द्रीय इस्पात मंत्रालय की टीम जल्द भेजने और रिपोर्ट तैयार करने का आश्वासन भी दिया था।
Published on:
12 Sept 2017 10:43 am

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