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जेईसी से पढ़े और पढ़ाया, यूएसए में बनाई कंपनी, अब संस्थान के लिए करेंगे सहयोग

शहर आए तो जताई इच्छा, जेईसी के साथ किया एमओयू, अनुसंधान, ट्रेनिंग, लैक्चर, फंडिग में मिलेगा सहयोग

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जबलपुर. प्रदेश के सबसे पुराने जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़कर निकले प्रोफेसर एवं उनकी पत्नी ने यूएसए के कैलीफोर्निया में रहकर खुद की कंपनी खड़ी की। पर्यावरण के क्षेत्र में दुनिया के विभिन्न देशों तक सेवाओं का विस्तार किया। अब उन्होंने शहर के पुराने संस्थान के साथ छात्रों के ज्ञान, कौशल के हित में संस्थान के साथ हाथ बढ़ाया है।
टीबीओएन लैब एलएलसी सिटी ऑफ हार्वर्ड, कैलिफोर्निया, यूएसए कंपनी के प्रेसीडेंट डॉ.नीरज दुबे ने शहर आकर जेईसी प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. पीके झिंगे से मुलाकात की। अपनी पुरानी यादे ताजा करने के साथ ही सहयोग के लिए कदम बढाने की मंशा जाहिर की और एमओयू साइन किया। बताया जाता है आगामी 3 सालों के लिए अपने ज्ञान, तकनीकी कौशल, पाल्यूशन कंट्रोल की आधुनिकत्तम तकनीकों, ट्रेनिंग, बौद्विक कौशल बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। छात्रों को भौतिक एवं आभासी रूप से व्याख्यान भी देंगे।
कई देशों को दे रहे सेवाएं
कैलीफोर्निया निवासी डॉ.दुबे वर्ष 1966 बैच के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र रहे। इस दौरान वर्ष 1989 तक उन्होंने छात्रों को पढ़ाया। उनकी पत्नी उन्होंने डॉक्टर तारा दुबे होमसाइंस कॉलेज में प्रोफेसर रहीं। पिछले 40 सालों से यूएसएस में शिफ्ट हैं। उनकी कंपनी कैलीफोर्निया के अलावा कनाडा, मेक्सिको, लंदन, ब्रिटेन में भी पर्यावरण पर काम कर रही है।
संस्थान के छात्रों को होगा फायदा
प्राचार्य प्रोफेसर झिंगे ने बताया कि पर्यावरण सुधार से जुड़ी आधुनिक तकनीकों को साझा किया जाएगा। कमरे के अंदर का प्रदूषण नापना हो या फिर बाहर का, टरमाइट इंफेक्शन, फंजाई इंफेक्शन आदि पर वैज्ञानिक सहयोग, रिसर्च गतिविधियों, फंडिंग आदि पर सहयोग मिलेगा। अनुबंध करने के दौरान जेईसी की और से सिविल इंजीनियर विभाग के प्रोफेसर डॉ. आरके भाटिया, डॉ राजीव चांडक आदि उपिस्थत थे।