मृत बहन की आत्मा घूम रही थी घर में, तांत्रिक बाबा ने 35 लाख लेकर ऐसे दिलाई मुक्ति कि... घर को बना दिया तंत्र-मंत्र का केन्द्र, पूरा परिवार आत्मा से हुआ त्रस्त
जबलपुर. बहन की मौत के बाद उसका साया घर पर ही मंडराता रहा। भटकती आत्मा पूरे परिवार को मानसिक रूप से परेशान कर रही थी। घर व्यापार सब तबाह होने लगा था, तभी उम्मीद की एक किरण के रूप में तांत्रिक बाबा मिला। पहले कुछ दिन तो सबकुछ ठीक-ठाक चला। किंतु थोड़े दिनों के बाद परिवार आत्मा से कम, तांत्रिक बाबा से ’यादा डरने लगा। देखते ही देखते परिवार की सुख समृद्धि खत्म होने लगी। लाखों रुपए बाबा ने क्रिया कलापों में खर्च करवा दिए। फिर आगे....
घरेलू कलह में तांत्रिक की एंट्री, चार साल में ठगे थे 35 लाख
तांत्रिक दम्पती की गिरफ्तारी से खुले कई राज
अनिष्ट का भय दिखाकर चार साल में 35 लाख रुपए ठगने वाले तांत्रिक की गिरफ्तारी और पीड़ित के बयान से कई नए खुलासे हुए हैं। आरोपी परिवार से प्रेत बाधा दूर करने के नाम पर हैदराबाद से जड़ी-बूटी मंगाता था। मजे की बात यह है कि वह ठगी के पैसे ही टिकट कराकर देता था।
बता दें, अधारताल निवासी लियो प्रदीप जैकब के परिवार से 35 लाख रुपए की ठगी के आरोप में पुलिस ने जावेद अली और उसकी पत्नी नफीसा को गिरफ्तार किया था। यह दोनों जेल में हैं। लेकिन जैकब की कहानी यह बताती है कि अंध विश्वास के डर में फंसकर किस तरह परिवार बर्बाद हो रहे हैं और तांत्रिक डराकर सालों शोषण करते रहते हैं। दरअसल, जैकब की बहन की मौत हो गई थी, इससे परिवार इतना भयभीत हुआ कि उसे हर क्षण अनजाना डर घेरे रहता था। नगर निगम में ठेकेदारी की तो घाटा लग गया। घर पर विवाद हुआ तो उसने किसी अदृश्य शक्ति की बाधा मान लिया। इसी का फायदा उठाते हुए अली दम्पती ने चार साल तक परिवार का दोहन किया।
जादू-टोने का शक
पुलिस ने बताया कि जैकब परिवार में जादू-टोने का शक घर कर गया था। इससे छुटकारा पाने के लिए वह परेशान रहने लगा। तभी एक दोस्त ने जावेद अली का पता बताया। उसके सम्पर्क में आया तो नई तरह की बर्बादी शुरू हो गई। उसने 2019 से 2023 के बीच 35 लाख रुपए ठग लिए। उसकी मांग कम नहीं हुई, तो जैकब ने पुलिस का सहारा लिया तो पूरी पोल खुल गई।
हफ्ते में दो दिन तंत्र क्रिया
पहले तो तांत्रिक अली यहां-वहां पूजा करने और तंत्र मंत्र से जुड़ी सामग्री मंगवाता रहा। फिर उसने घर पर ही तंत्र क्रिया करना शुरू कर दिया। इसके लिए उसने रविवार और बुधवार का दिन चुना था। वह घर पर तरह-तरह के टोटके आजमाने को कहता था। कई बार ऐसा लगता था कि जैकब का घर कम तंत्र क्रिया का केंद्र ज्यादा हो गया हो। कुछ भी परिवार में होता वह उसे बला से जोड़कर डरा देता था। भयादोहन करते हुए वह फ्लाइट से जड़ी बूटी मंगवाता था। आलम यह था कि परिवार तांत्रिक के इतने प्रभाव में आ गया था कि वह जो भी कहता परिवार वही करता था। यह भी पता चला है कि उसने नौकरी का फर्जी नियुक्त पत्र भी दे दिया था।