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इस स्कूल में नहीं हैं शिक्षक, इस तरह हो रही पढ़ाई

सरकार करोड़ों खर्च कर रही है

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Teachers are not in this school

Teachers are not in this school

कटनी/जबलपुर। एक ओर शिक्षा को बढ़ावा देने सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है तो दूसरी ओर जिले के कई स्कूलों में छात्रों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और शिक्षकों की कमी होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसी ही स्थिति बहोरीबंद तहसील की ग्राम पंचायत सिहुंड़ी के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल की है। जहां पर कई विषयों के शिक्षक नहीं हैंं और छात्रों को बैठने के लिए भी स्थान पर्याप्त नहीं है।


तीन रेगुलर शिक्षक

छात्रों ने बताया कि हायर सेकंडरी स्कूल में 624 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनको पढ़ाने के लिए मात्र तीन रेगुलर शिक्षकों की ही नियुक्ति है। शेष के लिए अतिथि शिक्षक हैं लेकिन अभी तक फिजिक्स, कैमेस्ट्री और अंग्रेजी पढ़ाने वाला कोई नहीं है। छात्रों का कहना है कि उनकी तिमाही परीक्षाएं चल रही हैं और ऐसे में तीनों विषय पढ़ाने वाला कोई शिक्षक न होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि कभी कभार पदस्थ शिक्षक ही विषय पढ़ा देते हैं। स्कूल प्रभारी ने कई बार शिक्षकों की कमी को लेकर पत्राचार किया है लेकिन अभी तक नवीन पदस्थापना नहीं हुई है। छह अतिथि शिक्षक तैनात हैं लेकिन उनमें से विषय विशेषज्ञ नहीं है। पांच कमरों में कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिसमें से भी एक कमरे में आधे में स्कूल का आफिस बनाया गया है।

डेढ़ सौ छात्र
हायर सेकेंडरी की तरह ही मिडिल स्कूल की भी यही स्थिति है। तीन कक्षाओं को पढ़ाने के लिए मात्र दो शिक्षक हैं। दो पदों पर अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे हैं लेकिन उसमें भी अंग्रेजी व अन्य विषयों के शिक्षक नहीं हैं। स्कूल में 158 छात्र संख्या है और उनके बैठने के लिए भी पर्याप्त कक्ष नहीं हैं तो किचिन शेड न होने से स्कूल के ही कमरों का उपयोग समूह के सदस्य खाना बनाने को करते हैं। प्राचार्य बीएस ठाकुर का कहना है कि हायर सेकंडरी स्कूल में विषय के विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी बनी हुई है। जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। वरिष्ठ कार्यालय को इस संबंध में जानकारी समय-समय पर दी है। कक्ष की कमी की जानकारी भी भेजी गई है।