
सीता सरोवर का सौंदर्यीकरण मिटने की कगार, भर रहा है कचरा
ये थे विकास कार्य
कॉन्क्रीट की रैलिंगपाथवे
फैंसिंग
लाइटिंग पोल
मांडना पेंटिंग
बोरिंग
कलात्मक ढांचा
मौजूदा स्थिति
- सीता सरोवर में फेंका जा रहा कचरा
- तलैया का दायरा सिकुड़ गया
- कमल के फूल गायब हो गए
- कैचमेंट एरिया की हरियाली गायब
- नहीं जल रहे लाइटिंग पोल
- फैंसिंग क्षतिग्रस्त
पचास लाख की लागत से संवारे गए सीता सरोवर का सौंदर्यीकरण मिटने की कगार पर है। इस सरोवर का दस वर्षों में विकास किया गया था। प्रशासनिक अनदेखी से इस सीता सरोवर में कचरा भर रहा है। तलैया में पानी तलहटी पर पहुंच गया है, जिससे कमल के फूलों के पौधे नष्ट हो गए हैं। तलैया की हालत यह हो गई है कि कैचमेंट एरिया में कचरा भरा हुआ है। पाथवे समाप्त हो चुका है। स्ट्रीट लाइटें गायब हो गई हैं।
जबलपुर . शांतिनगर के बीच में सीता सरोवर को दस वर्ष पहले से विकसित करना शुरू किया था। तलैया को सुरक्षित करने के लिए इसमें फैंसिंग बनाई गई थी। फैंसिंग बनाने के साथ ही इसके कैचमेंट एरिया में पौधरोपण आदि किए गए थे। समयांतर यहां स्ट्रीट लाइट और पाथवे बनाया गया।
सीता सरोवर को संवारा जाएगा। प्रस्ताव मुख्याल भेजा गया है।
सुदीप पटेल, दमोहनाका जोन प्रभारी, नगर निगम
प्राथमिक उपचार पर सीआरपी तकनीकी का प्रशिक्षण 5 को
जबलपुर . डीआरएम कार्यालय में प्राथमिक चिकित्सा सेवा में संलग्न सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड ने नए वर्ष पर प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार की है। ब्रिगेड कार्यालय की बैठक में अपर मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मंजू नाथ के अनुसार 5 जनवरी को जबलपुर तथा कटनी में 12 जनवरी को स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर आयोजित है। शिविर में हार्ट अटैक आने पर प्राण रक्षा हेतु प्राथमिक उपचार के लिए सीआरपी तकनीकी को आपनाने का तरीका बताया जायेगा। बैठक में सचिव सादिक खान, देवेन्द्र कुमार, शीला सिंह, अनिल वानखेड़े, सचिन जैन, राज कुमार कोरी उपस्थित रहे।
Published on:
30 Dec 2022 12:20 pm
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