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विक्टोरिया की सड़क पर घिसटता रहा बीमार भूखा-प्यासा वृद्ध- देखें वीडियो

मानवता शर्मसार : लोगों के हस्तक्षेप पर व्हीलचेयर कर्मचारी हुआ तैयार
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जबलपुर

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Manoj Verma

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Updated: 8 Jul 2023, 11:52 AM IST

विक्टोरिया की सड़क पर घिसटता रहा बीमार भूखा-प्यासा वृद्ध

मानवता शर्मसार : लोगों के हस्तक्षेप पर व्हीलचेयर कर्मचारी हुआ तैयार

जबलपुर. विक्टोरिया अस्पताल में शुक्रवार की दोपहर एक बीमार वृद्ध परिसर की सड़क पर घिसटता रहा। अस्पताल में भर्ती इस वृद्ध को इलाज के लिए ऑपरेशन थियेटर छोड़ा गया था, जहां से उसे वापस नहीं लाया गया। मजबूर वृद्ध जैसे-तैसे ऑपरेशन थियेटर से अपने वार्ड में घिसटता हुआ जा रहा था। सड़क पर लोग गुजरते रहे। वाहन आते जाते रहे लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। आखिरकार, मौजूद कुछ लोगों ने खाली व्हीलचेयर ले जा रहे कर्मचारी को रोका। पहले तो कर्मचारी दूसरे कर्मचारी पर जिम्मेदारी थोपता रहा लेकिन फिर वह तैयार हुआ और उसने वृद्ध को वार्ड तक छोड़ा।

विक्टोरिया अस्पताल में डेढ़ माह से वृद्ध राजू विश्वकर्मा भर्ती है। वह भोपाल का रहने वाला है। इसके पास कोई अटेंडेन्ट नहीं है। इसे शुक्रवार को डॉक्टरों ने शल्य चिकित्सा के लिए ऑपरेशन थियेटर में बुलवाया था। वृद्ध को सुबह वार्ड ब्याय ने व्हीलचेयर से ऑपरेशन थियेटर छोड़ दिया था। वृद्ध का कहना है कि शल्य चिकित्सा के बाद वह भूखा-प्यासा काफी देर तक वहां बैठा रहा। दोपहर डेढ़ बजे तक व्हीलचेयर कर्मचारी के नहीं आने पर वह जैसे-तैसे ऑपरेशन थियेटर से नीचे उतरा और सड़क पर रेंगते हुए वार्ड की ओर चल दिया। वृद्ध के एक पैर में पट्टी बंधी हुई थी। एक हाथ में भी पट्टी थी।
लोगों ने की मदद

मौके पर मौजूद लोगों ने यह स्थिति देखी तो वहां से गुजर रहे एक खाली व्हीलचेयर ले जा रहे कर्मचारी को रोका और वृद्ध को वार्ड तक पहुंचाने की विनती की। इस पर कर्मचारी वार्ड के अन्य कर्मचारी की जिम्मेदारी बताता रहा फिर आखिरकार वह वृद्ध को ले जाने के लिए राजी हुआ और उसने वृद्ध को वार्ड तक छोड़ा।

गुजरते रहे वाहन

परिसर में वृद्ध के घिसटने के दौरान लोग गुजरते रहे। वाहन निकल रहे थे। अस्पताल के कर्मचारी भी आ जा रहे थे लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। ऑपरेशन थियेटर से करीब पांच सौ मीटर पहुंचने के बाद थक हार गया वृद्ध पार्किंग शेड में कुछ देर के लिए रुक गया।

ओटी का स्टॉफ शल्य चिकित्सा के बाद मरीज को वार्ड तक छोड़ता है। कई बार वार्ड के भी कर्मचारी आ जाते हैं। लेकिन यदि ऐसे हालात बनें हैं तो उसे दिखवाया जाएगा।

डॉ. पंकज ग्रोवर, आरएमओ, विक्टोरिया