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स्वरोजगार में गारंटर का रोड़ा, अटक रहे लोन

युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन मिलना टेढ़ीखीर

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reetesh pyasi

Sep 26, 2016

regional employment office

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जबलपुर। युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन मिलना टेढ़ीखीर है। शहरी विकास अभिकरण व उद्योग विभाग से संचालित योजनाओं के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। केन्द्र व राज्य सरकार भले ही दावे कर रही हों कि युवाओं को रोजगार स्थापित करने के लिए लोन मिलना आसान हो गया है। इसके लिए गारंटर की जरूरत नहीं है, लेकिन सच्चाई यह है कि गारंटर न होने पर लोन प्रकरण अटक जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन
720/750 आवेदकों को लोन देने का लक्ष्य
1064/778
आवेदन आए
201/400
आवेदन स्वीकृत
114/194 आवेदकों को ही मिला लोन

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
860/500 आवेदकों को लोन देने का लक्ष्य
1300/1000
आवेदन आए
432/200
आवेदन मंजूर
226/75 आवेदकों को
ही लोन वितरित

युवाओं के स्वरोजगार के लिए संचालित योजनाओं में ज्यादा हितग्राहियों को लाभ मिले, इसके लिए नोडल एजेंसियों के प्रमुख अधिकारियों को निर्देशित किया है। बैंक अधिकारियों को भी स्पष्ट हिदायत दी है कि लोन की स्वीकृति में विलम्ब न करें।
महेशचंद्र चौधरी, कलेक्टर

जला व्यापार व उद्योग केन्द्र में जो भी आवेदक लोन के लिए आवेदन करते हैं, विधिवत जांच करने के बाद प्रकरण सम्बंधित बैंक को भेज दिए जाते हैं। लोन की स्वीकृति या वितरण में विलम्ब बैंकों के स्तर पर होता है।
वीके रजक, प्रबंधक, जिला व्यापार व उद्योग केन्द्र

लोन के आवेदनों के प्रकरण तैयार कर बैंकों को भेजा जाता है। कई मामलों में ये देखने को मिलता है कि आवेदक की भुगतान क्षमता कम आंक कर बैंक अधिकारी उसका लोन स्वीकृत नहीं करते। जिला विकास अभिकरण के जरिए ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों को लोन मिले, इसके लिए समन्वय बैठक कर रहे हैं।
दिनेश त्रिपाठी, जिला शहरी विकास अभिकरण अधिकारी

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