जबलपुर

ये जमीन भगवान शंकर की, इसलिए रेरा ने खारिज किया हाउसिंग प्रोजेक्ट

MP News: भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने जबलपुर जिले की पाटन तहसील के श्री शंकरजी महाराज ट्रस्ट की ओर से आवासीय परियोजना के पंजीयन आवेदन को दोबारा खारिज, हाईकोर्ट ने रेरा को दिए आवेदन पर दोबारा विचार करने के निर्देश

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Jun 10, 2025
MP News (फोटो सोर्स: एक्स)

MP News: भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने जबलपुर जिले की पाटन तहसील के श्री शंकरजी महाराज ट्रस्ट की ओर से आवासीय परियोजना के पंजीयन आवेदन को दोबारा खारिज कर दिया। 2023 में आवेदन रेरा से अमान्य होने के बाद ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने रेरा को आवेदन पर दोबारा विचार के निर्देश दिए। रेरा ने कहा कि जिस जमीन पर पर प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया है, वह मंदिर की है। मंदिर के आराध्य भगवान शंकर का स्वामित्व है। इसलिए हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाकर बेचने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

ट्रस्ट ने श्रीशंकरजी निवास नाम से आवासीय परियोजना के पंजीयन के लिए आवेदन 2023 में प्रस्तुत किया। विचार के बाद रेरा ने ट्रस्ट से कई जानकारियां और अभिलेख मांगे थे, जो वे नहीं दे सके। रेरा ने आदेश में यह भी कहा था कि रेरा अधिनियम की व्यक्ति की परिभाषा में सार्वजनिक न्यास शामिल नहीं है। इससे आवेदक किसी भू-संपदा परियोजना के पंजीयन के लिए रेरा के समक्ष आवेदन प्रस्तुत नहीं कर सकता है।

जमीन पर आराध्य देव का स्वामित्व

हाईकोर्ट के निर्देश पर रेरा ने दोबारा सुनवाई कर ट्रस्ट को नोटिस जारी कर पदाधिकारियों से दस्तावेज मांगे। जमीन का स्वत्व ट्रस्ट को कैसे प्राप्त हुआ, इसके दस्तावेज पेश नहीं किए गए। रेरा ने कहा 1954-55 से लगातार श्री शंकरजी मंदिर के स्वत्व की भूमि होकर मंदिर के आराध्य देव के स्वत्व की भूमि है। जमीन पर आवेदक संस्था का विधिक स्वामित्व न होने से आवेदन अमान्य किया जाता है।

Published on:
10 Jun 2025 08:55 am
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