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#Tourism जबलपुर में बन सकता है तीन दिन का टूर पैकेज, ऐसा है प्लान

#Tourism जबलपुर में बन सकता है तीन दिन का टूर पैकेज, ऐसा है प्लान  

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Tourism:

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जबलपुर . सुरम्य संगमरमरीवादियां, धुआंधार से लेकर सिद्धेश्वर जल प्रपात, घुघवा का मनमोहक झरना पर्यटकों का मनमोह लेते हैं। गुप्त गंगा का नर्मदा से मिलन बिंदु गुमनाम है। शनिकुंड, रुद्र कुंड, त्रिशूलभेद, रामघाट पिपरिया, परशुराम कुंड जैसे धार्मिक पर्यटन केन्द्र टूरिस्ट सर्किट का हिस्सा नहीं हैं। इतना ही नहीं डुमना नेचरा पार्क से लेकर नगर में स्थित आचार्य रजनीश ओशो व महर्षि महेश योगी की साधना व तपोस्थली तक भी पर्यटकों को पहुंचाने पहल नहीं की गई।

पर्यटन कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि जबलपुर व आसपास के पर्यटन स्थलों को एक सूत्र में पिरोने के साथ ही प्रस्तावित जियो पार्क, तारामंडल साइंस सेंटर के निर्माण, मदनमहल किला से संग्राम सागर के बीच रोपवे चालू करने जैसे प्रोजेक्ट को पूरा कर टूरिस्ट सर्किट से जोड़ा जाए तो यहां पर्यटकों को तीन दिन- दो रात का एक टूरिस्ट पैकेज मुहैया कराया जा सकता है।

भेड़ाघाट और बरगी तक सीमित पर्यटक

देश-विदेश से यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते तो हैं लेकिन वे यहां दिनभर में भेड़ाघाट, बरगी जैसे कुछेक रमणीय स्थल की सैर करने रवाना हो जाते हैं। इसके कारण जबलपुर पर्यटकों के लिए केवल जंक्शन बनकर रह गया है। ज्यादातर विदेशी पर्यटक यहां समय बिताए बगैर कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच राष्ट्रीय उद्यान समेत अन्य पर्यटन स्थल के लिए रवाना हो जाते हैं। पर्यटन के जानकारों का मानना है कि जबलपुर में व आसपास इतने पर्यटन स्थल हैं कि पर्यटकों को यहां तीन दिन व दो रात का टूरिस्ट पैकेज उपलब्ध कराया जा सकता है।

संगम स्थल गुमनाम

नर्मदा-गौर, नर्मदा-हिरन के संगम स्थलों को भी तीर्थ स्थल और पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकता है, लेकिन ये स्थल गुमनाम हैं। संस्कारधानी में नर्मदा का लंबा तट है। 60 किलोमीटर के लंबे तट में कई स्थान पर रेवा का सहायक नदियों व झरनों का मिलन होता है। इन संगम स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो वे धार्मिक पर्यटन के बड़े केन्द्र बनेंगे। इससे तिथि पर्वों के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ेगी।

जबलपुर व आसपास स्थित ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को एक सूत्र में जोड़ा जा सके और सर्किट बनाकर पर्यटकों को समग्र पैकेज उपलब्ध हो इस दिशा में पहल करेंगे।

विनोद गोंटिया, अध्यक्ष, पर्यटन विकास निगम