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राजनीतिक दबाव में किए गए पटवारी के स्थानांतरण रोक

हाईकोर्ट का निर्देश

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जबलपुर. हाईकोर्ट की न्यायाधीश नंदिता दुबे की एकलपीठ ने रीवा जिले के पटवारी संघ के अध्यक्ष के स्थानांतरण पर रोक लगा दी है। संघ के अध्यक्ष को रीवा जिले की रामपुर कर्चुलियान से त्यौंथर तहसील स्थानातंरित कर दिया गया था।

पटवारी आनंद प्रताप सिंह की ओर से याचिका दायर की गई थी। बताया कि राजनीतिक दवाब में उसका स्थानातंरण किया गया है, जो अवैधानिक है। दलील दी गई कि स्थानातंरण सात जुलाई, 2023 को रायपुर कर्चुलियान से तहसील त्यौंथर किया गया है। जबकि, वे पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष हैं। सचिव मध्य शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल ने 12 मई 2023 में स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया है कि शासकीय सेवक सेवा संघ के पदाधिकारियों को स्थानांतरण में छूट दी जाए। इसके बाद भी इसे नजरअंदाज कर याचिकाकर्ता का स्थानांतरण कर दिया गया है, जो स्थानांतरण नीति के विरुद्ध है।

चेंक बाउंस मामले में न्यायालय उठने तक की सजा
इधर, एक दूसरे मामले में जिला अदालत के न्यायाधीश अरविंद सिंह टेकाम की अदालत ने चेकबाउंस के एक मामले में आरोपी रामपुर निवासी राजेंद्र मिश्रा को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। यह फैसला 19 वर्ष बाद आया। कोर्ट ने कहा कि प्रकरण की लम्बी अवधि को देखते हुए शिक्षाप्रद दंड से दंडित करना उचित होगा। कोर्ट ने मूल राशि दो लाख के अलावा दो लाख रुपए की प्रतिकर राशि से भी आरोपी को दंडित किया। इसी के साथ आरोपी को निर्देश दिए कि वह मानसिक वेदना और वाद व्यय के रूप में 35 हजार रुपए भी परिवादी केपी जायसवाल को दे। जायसवाल ने वर्ष 2004 में राजेंद्र को प्लॉट बेचा था। इसके एवज में राजेंद्र ने दो लाख रुपए का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया।