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treatment of animals : कुत्ते की साँस नली जोड़ी, बिल्ली की आँख से निकाला कांटा

treatment of animals : कुत्ते की साँस नली जोड़ी, बिल्ली की आँख से निकाला कांटा

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जबलपुर. पशुओं के उपचार को लेकर अब लोगों में भी जागरूकता आने लगी है। बड़े पशु हो या फिर छोटे पशु। इन्हें उपचार के लिए पशु प्रेमी वेटरनरी अस्पताल लेकर पहुंच रहे हैं। वेटरनरी अस्पताल में हर माह करीब 250 से 275 मामले पशुओं से जुड़े आते हैं। इसमें एक दर्जन मामले क्रिटिकल सर्जरी से जुड़े हुए होते हैं। अस्पताल में भी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के कारण लोग अब प्राइवेट क्लीनिक की जगह शासकीय अस्पताल में जाना पसंद कर रहे हैं।

जटिल सर्जरी के केस भी पहुंच रहे
वेटरनरी अस्पताल में जटिल मामलों के लिए पहुंचने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। इसके लिए शहर सहित आस पास के क्षेत्रों से भी लोग जानकारी लेकर पहुंच रहे हैं। ऐसे में न सिर्फ मूक पशुओं की सेवा हो रही है, साथ वेटरनरी विश्वविद्यालय में अध्ययनरत नए डॉक्टरों को भी अनुभव प्राप्त हो रहा है।

बकरी झटके से हो जाती थी खड़ी
गोहलपुर निवासी युवक राजस्थान से एक साल की बकरी खरीदकर लाए। जब बकरी को घर लेकर आए तो अचानक बैठते ही उसे झटका आने लगता था। कुछ ही देर में वह खड़ी हो जाती थी। पहले तो कुछ समझ नहीं आया। जब लगातार इस तरह की समस्या आई तो दो वेटरनरी अस्पताल में दिखाया। प्रारंभिक जांच में पैर में चोट के निशान नहीं मिले। चिकित्सकों ने एक्सरे किया तो लिगामेंट में सूजन पाई गई। अब मर्ज की पुष्टि के बाद इलाज किया जा रहा है।

श्वास नलिका जोड़ी
सिविल लाइन निवासी एक महिला के पालतू डॉग पर घुमाते समय स्ट्रीट डॉग ने हमला कर दिया। इसमें डॉग की श्वास नलिका कट गई। उसका जिंदा रह पाना मुश्किल था। डॉग का जिंदा रह पाना मुश्किल था। जब डॉग को लेकर वेटरनरी अस्पताल आए तो 85 फीसदी श्वास नलिका कट चुकी थी। चिकित्सकों की टीम ने डॉग की सर्जरी कर श्वास नलिका को जोड़ा। जिससे डॉग की जान बच सकी।

बिल्ली की आंख में घुस गया कांटा
सिविल लाइंस क्षेत्र में परिवार में पालतू बिल्ली की आंख में कांटा चला गया। जिससे बिल्ली की आंख में खून तैरने लगा। बिल्ली की सर्जरी कर आंख से काटा निकालकर जान बचाई और आंख भी सुरक्षित है।

पशुओं के इलाज में कोई परेशानी न हो इसके लिए स्टॉफ को निर्देशित किया गया है। समय पर इलाज और बेहतर सेवाएं मिले इसके लिए चिकित्सकों द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
डॉ.आरके शर्मा, डीन वेटरनरी कॉलेज

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